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सख्ती : थानों के विजिटर रजिस्टर में दर्ज होगा आगंतुकों का ब्योरा, डीजीपी ने जारी किया आदेश, दलालों की आवाजाही पर रोक लगेगी
दूरबीन न्यूज डेस्क। राज्यभर के पुलिस थानों में दलालों की आवाजाही पर रोक लगेगी। डीजीपी विनय कुमार ने इसको लेकर सभी थानों को आगंतुक पंजी (विजिटर रजिस्टर) मेंटेन करने का आदेश जारी किया है। इस विजिटर रजिस्टर में थाना आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम, पता, थाने में भ्रमण का उद्देश्य एवं मोबाइल नंबर स्पष्ट एवं अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। थाना भ्रमण के दौरान वरीय पुलिस पदाधिकारियों को इस रजिस्टर का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा।


डीजीपी ने दिये आदेश में कहा है कि किसी-किसी थाने में एक ही व्यक्ति के बार-बार आने-जाने की सूचना मिल रही है। इनके थाने में आने-जाने का कोई स्पष्ट उद्देश्य नहीं दिखता। ऐसे व्यक्ति कथित रूप से थाना का दलाल बताए जाते हैं और इनकी वजह से आम लोगों में पुलिस की छवि धूमिल होती है। इसको देखते हुए प्रत्येक थाने के विजिटर कक्ष में आगंतुक पंजी मेंटेन करना अनिवार्य होगा। इस रजिस्टर में सभी आगंतुक का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। थाना भ्रमण के दौरान सीनियर एसपी, एसपी, एसडीपीओ, डीएसपी, सीआई आदि वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी इस विजिटर रजिस्टर का निरीक्षण करेंगे। पुलिस पदाधिकारी निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी फुटेज देखकर तथा उससे विजिटर रजिस्टर में भरे गये डिटेल का मिलान कर सुनिश्चित करेंगे कि किसी आगंतुक की एंट्री छोड़ी नहीं गयी है।


एएसआई या एसआई होगा नोडल पदाधिकारी : हर थाने में एक एएसआई या एसआई रैंक के पदाधिकारी को इसके लिए नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। उन्हें उपरोक्त बिंदुओं को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी दी जायेगी। नोडल पदाधिकारी इस संबंध में थानाध्यक्ष को वीकली रिपोर्ट सौंपेंगे। डीजीपी ने कहा कि रजिस्टर में बार-बार एंट्री वाले व्यक्तियों के संबंध में वरीय पुलिस पदाधिकारी जानकारी प्राप्त करेंगे। उस व्यक्ति के संबंध में विस्तृत जांच कराकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही संबंधित थानाध्यक्ष के खिलाफ आवश्यक समझे जाने पर अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्यवाही की जाएगी


हाईवे पेट्रोलिंग को 114 इंटरसेप्टर वाहनों की होगी खरीद
राज्य सरकार हाईवे पेट्रोलिंग के लिए 114 इंटरसेप्टर (गति मापक) वाहन खरीदेगी। यह वाहन अत्याधुनिक ट्रैफिक उपकरणों से लैस होंगे, जिनसे सड़क सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।
परिवहन विभाग की अनुशंसा पर गृह विभाग ने करीब 35 लाख रुपये प्रति वाहन की लागत से 114 इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद के लिए 39.90 करोड़ खर्च की स्वीकृति दे दी है। वाहनों की खरीद पुलिस मुख्यालय के स्तर पर होगी। जानकारी के मुताबिक, इंटरसेप्टर वाहनों में उच्च गुणवत्ता वाले स्पीड लेजर गन और हाई डेफिनेशन कैमरे होंगे, जो काफी दूर से ही वाहन की गति को माप सकेंगे। यह कैमरा निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज चलने वाले वाहनों की तस्वीर ले लेता है और संबंधित वाहन का नंबर प्लेट भी पहचान लेता है।


कैमरे से प्राप्त नंबर प्लेट की जानकारी ऑनलाइन ई-चालान प्रणाली में दर्ज हो जाती है। इसके बाद चालान संबंधित वाहन मालिक के पास घर बैठे भेज दिया जाता है। इस गाड़ी में अल्कोहल पहचान प्रणाली (सांस से शराब की पहचान), टिंट मीटर, और एलईडी साइनेज जैसी सुरक्षा उपकरण भी लगे हैं। एलईडी लाइटबार, साइरन और पीए सिस्टम का उपयोग यातायात की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।





