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गर्मी : बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में और सुधार करने के लिए मिशन मोड में होगा काम
दूरबीन न्यूज डेस्क। बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में और सुधार करने के लिए मिशन मोड में काम होगा। बुधवार को विधानसभा में ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य में 262 नए पावर सब-स्टेशन का निर्माण होगा। 41 का काम जल्द ही पूरा होगा। 117 का निर्माण शुरू हो गया है। 104 मंजूरी की प्रक्रिया में है।
प्रगति यात्रा में 10 ग्रिड बनाने का निर्णय लिया गया, जिस पर 1918 करोड़ खर्च होंगे। आने वाले वर्षों में बिहार में 195 ग्रिड हो जाएंगे। बिजली सेवाओं के आधुनिकीकरण पर आरडीएसएस के तहत 7305 करोड़ खर्च होंगे। केवल पटना में और बेहतर बिजली देने के लिए 296 करोड़ खर्च होंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इंजीनियर होने के कारण ही बिजली के क्षेत्र में प्रगति हुई है, जिस पर हमें गौरव है।


बरौनी, कांटी, बाढ़ और नवीनगर से बिजली उत्पादन हो रहा है। तत्कालीन राज्य सरकार की ओर से जमीन नहीं देने के कारण बाढ़ बिजली घर बनाने में देरी हुई। चौसा और बाढ़ की अंतिम इकाई जल्द ही चालू होगी। नवीनगर में नई इकाई के लिए करार हुआ है। पीरपैंती में 800 मेगावाट की तीन इकाई बनाने के लिए अब तक का सबसे अधिक निजी निवेश होगा। देश का सबसे बड़ा बैट्री भंडारण सोलर परियोजना लखीसराय के कजरा में बन रहा है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि किसानों को 92 फीसदी अनुदान देकर मात्र 55 पैसे यूनिट बिजली दी जा रही है।2274 कृषि फीडर बन चुके हैं। किसानों को निशुल्क बिजली कनेक्शन दिये जा रहे हैं।



अब तक 5.81 लाख किसानों को कनेक्शन दिया जा चुका है। सितम्बर 2026 तक 8.40 लाख किसानों को कनेक्शन दिया जाएगा। 15 हजार 343 करोड़ का अनुदान देकर लोगों को सस्ती बिजली दी जा रही है। कंपनी के मुनाफा में आने के कारण 15 पैसे प्रति यूनिट बिजली सस्ती की गई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने पर ही बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग रहा है। कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है। अब तक 62 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग चुके हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट प्रणाली लाई जा रही है। इसमें उपभोक्ताओं की शिकायत सीधे अधिकारियों तक पहुंच जाएगी।








