समस्तीपुर। केंद्रीय चयन पर्षद के द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़ा खेल होने वाला था। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के साथ सेटिंग गेटिंग का बड़ा खेल करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन समस्तीपुर पुलिस ने सेटिंग गेटिंग करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए इसमें शामिल चार मुन्ना भाई को रंगे हाथ की गिरफ्तार कर लिया। जिसके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, शैक्षणिक प्रमाण पत्र एवं ब्लैंक चेक भी बरामद किया गया। विदित हो कि एक, सात व 15 अक्टूबर को आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़ा करने एवं नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया गया है। इसमें चार आरोपियों को भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाईस के साथ गिरफ्तार किया गया है। साथ ही गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी करने में जुटी है।


इस संबंध में शनिवार को प्रेसवार्ता करते हुए समस्तीपुर के प्रभारी एसपी सह दरभंगा सिटी एसपी सागर कुमार ने बताया कि केंद्रीय चयन पार्षद के द्वारा एक, सात व 15 अक्टूबर को सिपाही भर्ती की परीक्षा आयोजित है। इसी दौरान समस्तीपुर में बहाली को लेकर की गयी सेटिंग करने वाले गिरोह में शामिल उजियारपुर थाना क्षेात्र के मालती के संतोष कुमार उर्फ गुड्डू, कर्पूरीग्राम थाना के कोनवाजितपुर के मनीष कुमार उर्फ संतोष, दलसिंहसराय थाना के कमरांव के अंकित कुमार एवं रोसड़ा थाना के महरौल के गौतम कुमार को गिरफ्तार किया गया। जिसके पास से दस वॉकी टॉकी, दस पीस वॉकी टॉकी चार्जर, 20 पीस एंटीना, 32 पीस ब्लूटूथ मक्खी एयरफोन, 11 पीस रिसिवर डिवाईस, विभिन्न छात्रों का एडमिट कार्ड एवं शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की मूल प्रति, ब्लूटूथ इयरफोन लगा हुआ तीन गंजी, विभिन्न लोगों का हस्ताक्षर किया गया सात ब्लैंक चेक, चार पेन ड्राइव, चार मोबाइल बरामद किया गया है।


उन्होंने बताया कि जिले में नौकरी के नाम पर झांसा देने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचना पर रोसड़ा डीएसपी शिवम कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर छापेमारी की गयी। प्रभारी एसपी ने बताया कि छापेमारी के दौरान रोसड़ा व विभूतिपुर थाना क्षेत्र एवं आसपास के क्षेत्रों में सघन छापेमारी करते हुए चार आरोपियों को पकड़ा गया। प्रभारी एसपी ने कहा कि पूछताछ के बाद चारों आरोपियों ने अपनी संलिप्तता को स्वीकार करते हुए बताया है कि परीक्षा से पूर्व ये लोग अभ्यर्थियों को सिस्टम उपलब्ध कराने के एवज में उनके मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र एवं अंतिम चयन के उपरांत पांच से सात लाख रुपए मिलना था। उसके बाद इन लोगों के द्वारा उन अभ्यर्थियों को गारंटी के तौर पर लिए गए मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र को लौटाया जाना था।


एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान इन लोगों से इस फर्जीवाड़ा गिरोह के अन्य लोगों की संलिप्तताा का भी पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जिनके बैकवार्ड एवं फारवार्ड लिंकेज का पता कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि टीम में विभूतिपुर थाना अध्यक्ष संदीप कुमार पॉल, रोसरा थाना अध्यक्ष परसुंजय कुमार, दलसिंहसराय थाना अध्यक्ष अनिल कुमार, मुफस्सिल थाना अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह, डीआईओ प्रभारी मुकेश कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी थे।





