समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले में चल रहे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान पर तत्काल ब्रेक लगा दिया गया है। मुख्यालय से मिले आदेश के अनुसार सोमवार से जिले में अभियान को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। जिसके कारण घर-घर जाकर दवा खिलाने के कार्य को रोक दिया गया है। बताया जाता है कि डीईसी गोली में नमी के कारण अधिक टूटने की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच के बाद मुख्यालय ने उक्त दवा को वितरण करने से रोक दिया गया है। इस संबंध में डीएमओ विजय कुमार ने बताया कि बरसात के मौसम के कारण दवा में नमी आ गयी। जिसके कारण कुछ बैच नंबरों की जारी दवा को निकालने के साथ ही टेबलेट्स टूटने लगा। जिसकी शिकायत पर फिलहाल अभियान को स्थगित किया गया है।


उन्होंने बातया कि मुख्यालय से जारी दवाओं में डीईसी गोली की वैसी दवा जिसका बैच संख्या 53, 54, 55 व 56 है। ऐसी बैच संख्या के दवा के वितरण पर रोक लगा दी गयी है। डीएमओ ने बताया कि नमी के कारण जब लोगों को टेबलेट निकाल कर दिया जाता है तो टूट जाता है। टूटे टेबलेट के मुंह में जाते ही बच्चे को अधिक तीतापन महससू होता है। जिसके कारण जी मिचलाने की शिकायत हुई। जिसके बाद दवाओं की जांच की गयी तो दवा में नमी के कारण टेबलेट के टूटने की शिकायत मिली। जिसके कारण उक्त चार बैच संख्या की डीईसी नामक दवा के वितरण पर रोक लगा दी गयी है।


उन्होंने बताया कि नए बैच नंबर की दवा मंगवायी जा रही है। जिसके बाद अभियान को शुरु किया जाएगा। डीएमओ ने बताया कि उक्त बैच नंबर क दवाओं के गुणवत्ता में कोई शिकायत नहीं है। केवल नमी के कारण टेबलेट को पत्ता से निकालने के क्रम में टूटने की शिकायत है। वैसे भी टूटे दवा को मुंह में लेने पर तीतापन अधिक महसूस होता है। खासकर बच्चे खाने से मना करते हैं और उगल देते हैं। साथ ही उन्हें जी मिचलाने की शिकायत के साथ-साथ कुछ बच्चों में उल्टी की भी शिकायत मिली। जिसके कारण इसे बंद करना पड़ा।


समस्तीपुर जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत जिले में लगभग 51 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ही आयु एवं ऊंचाई के अनुसार दवा दी जाएगी। जो दवा खा लिए हैं, उन्हें अब दवा नहीं खानी है।





