समस्तीपुर। समस्तीपुर सदर अस्पताल में विभाग की उदासीनता कहें या फिर एजेंसी की लापरवाही, पिछले तीन महीने से ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़ा है। जिसके कारण ऑक्सीजन प्लांट से वार्डों में पाइप लाइन के जरीए ऑक्सीजन की आपूर्ति सेवा बंद पड़ी है। हालांकि मरीजों को वैकल्पिक तौर पर ऑक्सीजन कांसंट्रेटर की सुविधा दी जाती है। लेकिन गंभीर मरीजों को वोल्टेज के लो जाने पर इससे काफी परेशानी होती है। सीएस डॉ. एसके चौधरी ने बताया कि ऑक्सीन प्लांट बंद होने को लेकर संबंधित एजेंसी को सूचित किया गया है। लेकिन अब तक ठीक नहीं किया गया है। इस संबंध में फिर से पत्राचार किया जाएगा, ताकि उसे दुरुस्त किया जा सके। मिली जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का प्यूरीटी खराब है। जिसके कारण ऑक्सीन की आपूर्ति नहीं की जा सकती है। वहीं ऑक्सीजन प्लांट में लगाए गए चेंजर भी खराब पड़ा है। नतीजतन तीन महीने से प्लांट बंद पड़ा है।



कोरोना काल में ऑक्सीजन को लेकर हुई परेशानी के बाद इसका निर्माण कराया गया था। ताकि मरीजों को ऑक्सीजन के लिए कोई परेशानी नहीं हो सके। फिलहाल सदर अस्पताल में तीन महीने से यह केवल शोभा की वस्तु बनी हुई है। जिसके कारण तीन महीनों से इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।


सदर अस्पताल सहित अनुमंडलीय अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट बनाया गया। लेकिन विडंबना यह है कि इसका समुचित संचालन के लिए आज तक टेक्नीशियन की भी व्यवस्था नहीं हो पायी। सदर अस्पताल में मात्र एक टेक्नीशियन है। जो दिन में एक शिफ्ट में प्लांट को शुरु करता है। फिर शिफ्ट खत्म होने के बाद प्लांट को बंद कर देता है। तीनों शिफ्ट में कर्मी के नहीं होने के कारण प्लांट बंद रहता है। बिना टेक्नीशियन के ऑक्सीजन प्लांट की आपूर्ति नहीं हो पाती है।


सदर अस्प्ताल के अलावे दलसिंहसराय, पटोरी, रोसड़ा व पूसा में संचालित ऑक्सीजन प्लांट की देखरेख व संचालन के लिए टेक्नीशियन मांग की गयी थी। सीएस डॉ. एसके चौधरी ने लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व राज्य स्वास्थ्य समिति को पत्राचार कर समस्या से अवगत कराते हुए टेक्नीशियन उपलब्ध कराने की मांग की थी। लेकिन आज तक इस ओर कोई ठोस पहल नहीं हो सका। जिसके कारण आज भी सदर अस्पताल में एक ही टेक्नीशियन के भरोसे है।





