
समस्तीपुर। समस्तीपुर सदर अस्पताल में लिपिक के तबादला के पेंच में सभी कर्मियों का वेतन फंस गया है। जिसके कारण कई महीनों से कर्मियों का बकाया वेतन भुगतान नहीं हो पाया है। आवंटन उपलब्ध होने के बावजूद वेतन भुगतान नहीं होने से कर्मियों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।

मिली जानकारी के अनुसार डीएम के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग में भी लिपिक सहित कई संवर्गों का तबादला जून में किया गया। इस कड़ी में सदर अस्पताल में कार्यरत लिपिक का भी तबदाला पटोरी पीएचसी में कर दिया गया। जिसके बाद तबादला में कई प्रकार गड़बड़ी होने के कारण स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के द्वारा विरोध किया गया।

जिस पर डीएम के आदेश पर त्रुटियों के सुधार के लिए कर्मियों से दावा आपत्ति मांगी गयी। जिसके आधार पर पटोरी में कार्यरत लिपिक को पूर्ववत छोड़ दिया गया। इस बीच सदर अस्पताल के लिपिक पटोरी में योगदान भी कर दिया। जबकि पटोरी में लिपिक का एक ही पद है। वहीं सदर अस्पताल के लिए नामित लिपिक को भी रोसड़ा में ही पूर्ववत छोड़ दिया गया।

जिसके कारण सदर अस्पताल में अब तक किसी भी लिपिक की ना तो प्रतिनियुक्ति की गयी है और ना ही किसी को नियुक्त किया गया है। जिसके कारण वेतन निकासी सहित अन्य कार्य बाधित है। लिपिक के नहीं रहने के कारण सदर अस्पताल से संबंधित अन्य कार्य भी बाधित हो रही है। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल में लिपिक नहीं होने के कारण डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं सुरक्षा कर्मियों को पिछले दो महीने से वेतन की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि सदर अस्पताल में कार्यरत ममता कार्यकर्ताओं को चार महीने से मानदेय की राशि नहीं मिली है। जिसके कारण इन लोगों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।

इधर समस्तीपुर सदर अस्पताल परिसर स्थित मलेरिया कार्यालय भी बिना लिपिक के ही संचालित हो रहा है। जिसके कारण वहां भी कार्यों को निष्पादन करने में काफी परेशानी हो रही है। बताया जाता है कि मलेरिया कार्यालय में कार्यरत लिपिक का तबादला उजियारपुर के नाजिरगंज स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कर दिया गया। जबकि मलेरिया ऑफिस में एक महिला लिपिक का तबादला किया गया था।

लेकिन कर्मचारियों के विरोध के बाद जिलाधिकारी के द्वारा दिए गए त्रुटि के संशोधन में मलेरिया कार्यालय में तबादला किए गए महिला लिपिक का भी तबादला रोक दिया गया। जिसके बाद उनके स्थान पर किसी अन्य लिपिक का तबादला नहीं किया गया। जबकि मलेरिया कार्यालय में कार्यरत लिपिक नजीरगंज अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना योगदान कर चुके हैं। वहीं सदर अस्पताल के कुष्ठ प्रभाग कार्यालय में चार लिपिक तबादला किया गया है।





