समस्तीपुर। समस्तीपुर कॉलेज, समस्तीपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना व राष्ट्रीय कैडेट कोर के संयुक्त तत्त्वावधान में महाविद्यालय के 76वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ बीके चौधरी ने की। कार्यक्रम का आरम्भ दीपप्रज्ज्वलन से हुआ।

तत्पश्चात संस्कृत विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ जयचन्द झा ने मंगलाचरण किया। इसके बाद विश्वविद्यालयी परम्परा के अनुसार छात्रा त्रयी रूपम कुमारी, प्रियंका कुमारी व कीर्ति ने कुलगीत की सुन्दर प्रस्तुति की। इसके बाद इन्ही छात्राओं ने सरस्वती वन्दना व स्वागत गीत प्रस्तुत किए।

तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों के स्वागत क्रम में सर्वप्रथम महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ बी के चौधरी का सम्मान पाग, साल व बुके द्वारा शिक्षकों के प्रतिनिधि जन्तु विज्ञान के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ एस एन तिवारी, अतिथि शिक्षकों के प्रतिनिधि संस्कृत के उद्भट विद्वान प्राध्यापक डॉ दुर्गेश राय तथा एनसीसी के एएनओ डॉ मनहर जी व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के प्रतिनिधि प्रमोद ने किया।

साथ ही अन्य मंचासीन अतिथियों का भी इन्ही लोगों द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में डॉ एस एन तिवारी ने “स्मृति के वातायन में हमारा महाविद्यालय” विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया।फिर तो मानो वक्ताओं की झड़ी सी लग गयी और इस शृंखला में इस महाविद्यालय के रसायन विज्ञान के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो कुशेश्वर राय, इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ डी एन मेहता मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ संजय कुमार, इतिहास विभाग के उद्भट विद्वान डॉ अशोक कुमार तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के ज़िलाअध्यक्ष श्री राजदेव राय,

प्रक्षेत्रिय महामन्त्री प्रमोद कुमार, शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शशि शेखर कुमार व सचिव विकास कुमार तथा अन्य छात्रों ने अपने भाव पूर्ण उद्ग़ार व्यक्त किए। इन उदग़ारों के बीच संगीत की स्वर लहरियाँ भी गुंजायमान रही। इस कार्यक्रम की अगली कड़ी में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्त्वावधान में आयोजित “आत्मनिर्भर भारत: श्रेष्ठ भारत” निबन्ध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

इसमे प्रथम पुरस्कार जन्तु विज्ञान के पी जी के तृतीय छमाही की छात्रा जैलसी को, द्वितीय पुरस्कार जन्तु विज्ञान की छात्रा कीर्ति कुमारी को व तृतीय पुरस्कार हिन्दी की छात्रा कुमारी संगम को प्रधानाचार्य द्वारा प्रशस्तिपत्र व मेडल देकर सम्मानित किया गया। साथ ही अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया। इसके पश्चात् सभी की बेहद माँग पर हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष महेश कुमार चौधरी ने अपनी स्वरचित कविता अब तो होगा नया विकास का पाठ किया।

तत्पश्चात् महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ बी के चौधरी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि इस महाविद्यालय का अतीत अत्यन्त गौरवशाली रहा है, यहाँ शिक्षा की विशद व समृद्ध परम्परा रही है। यह मेरा सौभाग्य रहा है कि मैं यहाँ का छात्र भी रहा हूँ। इसलिए मेरी प्रतिबद्धता और दायित्व और भी बढ़ जाता है। मेरी सदिच्छा यही है कि महाविद्यालय अपने अतीत के गौरव को पुनर्स्थापित करे। जिसमें आप सभी के सहयोग की बहुत अपेक्षा है।

मैं उस स्वर्णिम भविष्य की कल्पना करता हूँ। जब इस महाविद्यालय का स्थान शिक्षा, स्थापत्य सभी में अव्वल होगा और मुझे उम्मीद है कि यह स्वप्न शीघ्र ही पूर्ण होगा। इस कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ आशीष पांडेय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन संस्कृत के प्राध्यापक डॉ दुर्गेश राय ने किया। इस कार्यक्रम में पूरा महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।





