समस्तीपुर। बकाया मानदेय भुगतान करते सहित छह सूत्री मांगों के समर्थन में 102 एंबुलेंस कर्मियों ने हड़ताल कर दी है। कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से जिले भर के सरकारी अस्पतालों में एंबुलेंस सेवा पूरी तरह ठप हो गयी। जिसके कारण गंभीर रुप से बीमार एवं प्रसूताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत एंबुलेंस कर्मियों ने 13 जुलाई से हड़ताल पर चले गए। इस दौरान सदर अस्पताल में एंबुलेंस कर्मियों ने शुक्रवार को धरना देते हुए अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।

साथ ही सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। संघ के जिलाध्यक्ष भोला कुमार ने बताया गया कि जब से उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगा। पूर्व के एजेंसी के द्वारा भी कर्मियों के वेतन की राशि का गबन कर लिया गया। नयी एजेंसी के आने के बाद बकाया तीन महीने का वेतन नहीं दिया गया है।

अन्य मांगों में 11 माह का पीएफ राशि भुगतान अविलंब करने, नए कर्मियों को नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराने, आठ घंटे की ड्यूटी लेने सहित अन्य मांग शामिल है।

जिलाध्यक्ष ने बताया कि पूर्व में भी ज्ञापन के माध्यम से जिला प्रशासन, सिविल सर्जन, पीडीपीएल कंपनी को सूचना दी गयी थी। मांग पर सुनवाई नहीं होने पर हड़ताल किया गया है।

ओपीडी के सामने आयोजित धरना में जिला सचिव रमन कुमार झा, कोषाध्यक्ष अभिनंदन कुमार, संजय कुमार, अभिषेक कुमार, रंजीत कुमार चौरसिया, रंजीत कुमार, गुड्डू कुमार, रमन कुमार, वेद प्रकाश, श्याम कुमार, सुनील कुमार, मनीष कुमार आदि थे।

एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण जहां निजी एंबुलेंस चालक मनमाना राशि लेकर रेफर मरीज को ले जाने के लिए तैयार हो रहे हैं, वहीं प्रसूता एवं अन्य मरीजों को परिजन ई रिक्शा की मदद से अस्पताल पहुंचा रहे हैं। गुरुवार को एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण वैनी ओपी के मोहम्मदपुर कोआरी के एमडी मजहर को परिजनों ने ई रिक्शा की मदद से निजी अस्पताल ले गए।

102 एंबुलेंस संचालकों के हड़ताल से निजी एंबुलेंस संचालक की मनमानी शुरू हो गई है। निजी एंबुलेंस के चालक के द्वारा मनमाने राशि लेकर मरीजों को ले जाया जा रहा है। वही गरीब मरीज ई रिक्शा एवं अन्य सुविधा से किसी पत्रक अस्पताल पहुंच रहे हैं।






