मधुबनी। जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा ने समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग के कार्यो एवं संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा किया। समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा मैटरनल हेल्थ, चाइल्ड हेल्थ, फैमिली प्लानिंग, आर सी एच व अनमोल, भव्या, जन्म एवं मृत्यु निबंधन, एच डब्लू सी, आर बी एस के, ई टेलीमेडिसिन, एन पी सी डी सी एस एवं आयुष्मान भारत प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना सहित सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस दौरान कई निर्देश भी दिए गए।

डीएम ने वर्षाजनित बीमारियों से बचाव एवं उपचार को लेकर डीएम ने दिए कई निर्देश। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में डेंगू,मलेरिया, डायरिया आदि कई वर्षाजनित बीमारियों से बचाव को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए, साथ ही इसके बेहतर उपचार को लेकर सभी सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि वर्षा के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि होती है, इसलिए इसकी दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कर ले। जिले में 27 जून से 10 जुलाई तक दंपति संपर्क पखवाड़ा चलाया जा रहा है। इसके व्यापक जागरूकता के लिए 6 जून से 10 जुलाई तक सारथी रथ चलाया जा रहा है।

गौरतलब हो कि परिवार नियोजन के प्रति आमजन में जागरूकता लाने के लिए जिले में दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 10 जुलाई तक चलेगा। इस कार्यक्रम की सफलता को लेकर जिलाधिकारी डॉ अरविंद कुमार वर्मा द्वारा कई निर्देश दिए गए । इस दौरान प्रत्येक वीएचएसएनडी साइट पर सास, बहू, बेटी सम्मेलन का आयोजन करना है, आशाओं के द्वारा अपने पोषक क्षेत्र में पात्र लाभार्थियों का प्री रजिस्ट्रेशन करना है ताकि लाभार्थी को स्थाई एवं अस्थाई साधन मुहैया कराई जा सके। प्रखंड स्तर पर वीडियो के अध्यक्षता में कन्वर्जेंस मीटिंग कराई जानी है।

जिले के सभी पीएचसी पर फैमिली प्लैनिंग काउंसलर के द्वारा फैमिली प्लानिंग कॉर्नर की स्थापना किया जाना है तथा वहां पर लाभार्थियों का पंजीयन करना है। जिले के सभी प्रखंडों में सारथी रथ चलाकर परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाना है।

दो चरणों में होगा पखवाड़ा का आयोजन:
जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा दो चरणों में होगा। 27 जून से 10 जुलाई 2022 तक दंपति संपर्क पखवाड़ा एवं 11से 31 जुलाई तक परिवार नियोजन सेवा के तहत प्रदान की जाने वाली सेवाओं को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। ताकि जनसंख्या स्थिरीकरण की जरूरत सही उम्र में शादी, पहले बच्चे की देरी तथा बच्चों में सही अंतराल के बारे में आमजन के मध्य चर्चा कर मां और शिशु स्वास्थ्य को बेहतर कर सकें।

जिलाधिकारी ने बताया गर्भनिरोधक के बास्केट ऑफ च्वाइस पर लाभार्थियों को परामर्श दिया जाएगा। इसके तहत इच्छुक दंपत्ति को सलाह मशवारा प्रदान करने हेतु सभी स्वास्थ्य संस्थानों में परामर्श पंजीयन केंद्र स्थापित किया जाएगा। परिवार कल्याण परामर्शी कक्ष में स्टाफ नर्स ,एएनएम द्वारा परामर्श दिया जाएगा ।

इसके अलावा ओपीडी, एएनसी सेवा बिंदु, प्रसव कक्ष एवं टीकाकरण केंद्र पर भी कॉन्ट्रासेप्टिव डिस्प्ले ट्रे एवं प्रचार प्रसार सामग्रियों के माध्यम से परामर्श करते हुए इच्छुक लाभार्थी को परिवार नियोजन सेवा प्राप्त करने में सहयोग दिया जाएगा। परामर्श पंजीयन केंद्र पूरे पखवाड़े के दौरान एवं आगे भी स्थाई रूप से कार्य करेगा। मांग एवं खपत के अनुसार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक मात्रा में गर्भनिरोधक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी एवं गर्भनिरोधक का वितरण किया जाएगा।

गर्भनिरोधक की मांग पर प्रत्येक लाभार्थी को अतिरिक्त इच्छित गर्भनिरोधक सामग्री उपलब्ध करायी जाएगी ।ताकि लाभार्थी को बार-बार गर्भनिरोधक प्राप्त करने हेतु केंद्र नहीं आना होगा। कंडोम बॉक्स में नियमित रूप से कंडोम भरा जाएगा। अंतरा एवं आयुसीडी की सेवा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सहित स्वास्थ्य उप केंद्र तक स्वास्थ्य कार्यों में सुनिश्चित की जाएगी। परिवार नियोजन ऑपरेशन हेतु शल्य कक्ष को पूरी तरह से इनफेक्शन प्रीवेंशन कंट्रोल गाइडलाइन के अनुसार तैयार किया जाना है।





