फूड फोर्टिफिकेशन एवं खाद्य संरक्षा विषय पर जिलास्तरीय एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन

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समस्तीपुर। राज्य खाद्य निगम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, शिक्षा विभाग, समेकित बाल विकास परियोजना एंव सहकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “फूड फोर्टिफिकेशन एवं खाद्य संरक्षा” विषय पर जिलास्तरीय एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन स्थानीय कर्पूरी सभागार में किया गया। कार्यशाला का विषय प्रवेश कराते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी महमूद आलम एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय ने बताया कि कुपोषण को दूर करने में सरकार द्वारा वितरित किए जा रहे फोर्टिफाईड चावल की भूमिका अहम है।

उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हो, इसके लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की वरीय प्रोग्राम एसोसिएट वृन्दा किराडू ने फोर्टिफाईड राइस के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि पोषक तत्वों की कमी को दूर करने की दृष्टि से साधारण चावल में फोर्टिफाईड चावल सौ में एक अनुपात से मिलाया जाता है।

जिससे चावल में विटामिन बी 12, फोलिक एसिड एवं आयरन की कमी को पूरा किया जा सकता है। खाद्य संरक्षा पदाधिकारी तपेश्वरी सिंह ने खाद्य संरक्षा के महत्व एवं इसकी आवश्यकता पर चर्चा करते हुए दूध, घी, खाद्य तेल, शहद, विभिन्न प्रकार के अनाज आदि में मिलावट को पहचानने की विधि पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मंच का संचालन उच्च माध्यमिक विद्यालय लगुनियाॅ सूर्यकंठ के प्रधानाध्यापक सौरभ कुमार ने किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक पंकज कुमार ने किया।

मौके पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता सह मध्याह्न भोजन रोहित रौशन, जिला सहकारिता पदाधिकारी सफदर रहमान, प्रधानाध्यापक श्रीनाथ ठाकुर, मीरा कुमारी, ब्रजदेव प्रसाद, विभा कुमारी, प्रिती कुमारी

संजय प्रसाद, शिक्षक मनीष चन्द्र प्रसाद, रीतू राज, महेश प्रसाद यादव, अमित कुमार, रागिनी कुमारी सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक शिक्षिकाएं मध्याह्न भोजन के बीआरपी,  सीडीपीओ, एल एस आदि मौजूद थे।

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