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समस्तीपुर। सदर अस्पताल में कई प्रकार की आधुनिक सुविधा तो उपलब्ध करा दी गयी है। लेकिन कई मूलभूत सुविधा आज भी नदारद है। जिसके कारण मरीजों के परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना करना पड़ा है। अटेंडेंट के द्वारा फार्मेट में दिए जा रहे फिडबैक में कई प्रकार की समस्या सामने आयी है। सदर अस्पताल में महिला मरीजों एवं अटेंडट के लिए स्नानागार की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण महिला अटेंडेंट को खुले में स्नान करने की मजबूरी रहती है। हालांकि अभी तक इसके निदान को लेकर कोई पहल नहीं की गयी है।

सदर अस्पताल के पीकू वार्ड में इन दिनों मरीजों की भीड़ लगी रहती है। तेज धूप व भीषण गर्मी के कारण कई प्रकार के बीमारी से ग्रसित होकर बच्चे पहुंच रहे हैं। इसके साथ महिला अटेंडेंट भी पीकू वार्ड में पहुंच रहे हैं। लेकिन महिला अटेंडेंट को यहां रहने में काफी परेशानी होती है। पीकू वार्ड में भर्ती बच्चों के साथ रहने वाले महिला अटेंडेंट के लिए स्नान घर की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण महिलाओं को सदर अस्पताल परिसर में खुले में ही किसी तरह स्नान करना पड़ रहा है।

वहीं कुछ महिलाएं अहले सुबह ही नल पर जाकर स्नान कर लेती है। उक्त जानकारी पीकू वार्ड में भरे जा रहे फिडबैक फार्मेट में भी अंकित की जा रही है। महिलाओं ने कहा कि पीकू वार्ड में अन्य सुविधा तो कमोबेस ठीक है। लेकिन यहां बच्चों को भर्ती होने पर महिलाओं को कई दिनों तक रहना पड़ता है। लेकिन उसके स्नान करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।

पीकू वार्ड में उपलब्ध सुविधा व चिकित्सा व्यवस्था सहित अन्य प्रकार की सुविधा से जुड़ी सवालों पर एक फार्मेट तैयार किया गया है। यह फार्मेट भर्ती मरीजों के परिजनों को भरना होता है। इसमें दिनांक व आईपीडी संख्या के साथ-साथ वार्ड में उपलब्ध सुविधा से जुड़ी 20 सवालों का जवाब देना पड़ता है। इन सवालों के आगे बने खराब, उचित, अच्छा, बहुत अच्छा, सबसे अच्छा व टिप्पणी के कॉलम में टीक लगाया जाना है। इसमें मुख्य रुप से कर्मियों व डॉक्टरों के व्यवहार, इलाज, साफ-सफाई, दवा की उपलब्धता, बेड की उपलब्धता, भोजन-नाश्ता आदि की से जुड़े सवाल होते हैं।

सदर अस्पताल में तैयार 20 बेड के पीकू वार्ड में मात्र 12 बेड ही है। जबकि नीचे वाले वार्ड को अभी तक चालू नहीं किया गया है। जिसके कारण फर्स्ट फ्लोर वाले वार्ड में दस की जगह बारह बेड लगाया गया है। इसके बावजूद मरीजों की संख्या अधिक होने पर परेशानी होती है। एक ही परिवार के बच्चे के बीमार होने की स्थिति में एक ही बेड पर किसी तरह रखना पड़ता है।






