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सहरसा। समस्तीपुर रेल मंडल के सहरसा से मानसी की तरफ जा रही मालगाड़ी पर धमारा घाट स्टेशन पास असमाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया। पथराव में सहरसा स्टेशन पर कार्यरत ट्रेन मैनेजर गुड्स बाबू झा जख्मी हो गया।
उनका सिर फट गया और हाथ, कंधा व घुटना में काफी चोट है। जख्मी अवस्था में ही ट्रेन मैनेजर मालगाड़ी को लेकर मानसी स्टेशन गये। घटना मंगलवार रात की है। बुधवार को ट्रेन मैनेजर का रेल अस्पताल सहरसा में मंडल रेल चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने इलाज किया।

बताया जा रहा है कि सहरसा से खाली वैगन वाली मालगाड़ी मंगलवार की रात 7.50 बजे धमारा घाट स्टेशन पहुंची। वहां एक घंटे 55 मिनट रुकने के बाद लाइन क्लियर मिलने पर देर रात पौने दस बजे धमारा घाट स्टेशन से खुली। जैसे ही मालगाड़ी खुली चालक ने ब्रेकभान के गेट को ट्रेन मैनेजर ने बंद करना शुरू किया। जबतक ट्रेन मैनेजर गेट लगाता अचानक से असमाजिक तत्वों ने ताबड़तोड़ पत्थर चलाना शुरू कर दिया।

जबतक ट्रेन मैनेजर बचते तबतक कई पत्थर उसके सिर, हाथ सहित शरीर के अन्य हिस्से में लगते लहूलुहान कर चुके था। यह तो गनीमत रहा कि तबतक मालगाड़ी थोड़ा गति पकड़ चुकी थी नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। धमारा घाट स्टेशन में हुई पथराव की सूचना बदला घाट पहुंचने पर मालगाड़ी को रोककर ट्रेन मैनेजर ने स्टेशन मास्टर को दी।

स्टेशन मास्टर पावस कुमार के द्वारा इसकी जानकारी तत्काल कंट्रोल को दी गई। बताया जा रहा है कि करीब 2 घंटे तक मालगाड़ी बदला घाट स्टेशन पर ही रकी रही। फिर जख्मी ट्रेन मैनेजर मालगाड़ी को लेकर मानसी गये और किसी यात्री ट्रेन से सहरसा लौटे। यहां लौटने के बाद उनका इलाज हुआ।

पत्थर को ट्रेन मैनेजर गुड्स झेलते रहा पर घटनास्थल धमारा घाट स्टेशन पास मालगाड़ी नहीं रोकी। अगर मालगाड़ी रोक दिया होता तो ट्रेन मैनेजर, चालक से लूटपाट और रेल की संपत्ति के नुकसान जैसी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।






