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समस्तीपुर। वीमेंस कालेज, समस्तीपुर में उर्दू, हिंदी एवं मैथिली विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानाचार्या प्रोफेसर सुनीता सिन्हा की अध्यक्षता में कबीर एवं नागार्जुन जयंती मनाई गई। इस अवसर पर चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए प्रधानाचार्य प्रो सुनीता सिन्हा ने कहा कि कबीर और नागार्जुन दोनों का लेखन समाज सुधार और प्रेरणा के लिए हैं। कबीर ने शांति के लिए प्रेम और भाईचारा को ही महत्पूर्ण माना।

प्रो अरुण कुमार कर्ण ने कहा कि बाबा नागार्जुन घुम्मकर और यात्री स्वभाव के थे। उन्होंने यात्री काव्य का पाठ किया।
डॉ विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि कबीर “माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर, कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर।” से लोगो को माला फेरने के बजाए मन के मोतियों को फेरना चाहिए।

छात्रा पल्लवी कुमारी ने नागार्जुन को कटु सत्य बोलने वाला साहित्यकार बताया। गौसिया परवीन ने कबीर के दोहा का वाचन किया।

कार्यक्रम का संचालन मोती ने किया। धन्यवाद ज्ञापन समाजशास्त्र विभाग के डा बबली कुमारी ने किया। मौके पर सीफा परवीन, खालदा परवीन आदि सहित अन्य छात्राएं भी मौजूद थी।







