एक लाख की आबादी पर 32 लोगों की होती है टीबी से मौत, प्रीवेंटीव ट्रीटमेंट की जरुरत

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समस्तीपुर। समस्तीपुर शहर के ताजपुर रोड स्थित एक होटल में स्वास्थ्य विभाग, वर्ल्ड विज इंडिया, सीएचएआई के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन बुधवार को किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन एसटीओ डॉ. बीके मिश्रा, सीएस डॉ. एसके चौधरी, डीपीएम ज्ञानेंद्र शेखर, डीएस डॉ. गिरीश कुमार, सीडीओ डॉ. विशाल कुमार, सीएचएआई के आरपीओ स्वयं प्रकाश पांडेय, वर्ल्ड विजन के स्टेट लीड अमरजीत प्रभाकर के द्वारा किया गया।

इस दौरान एसटीओ डॉ. बीके मिश्रा ने कहा कि समस्तीपुर को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में अब नयी पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश में सर्वाधिक मौत टीबी से होती है। एक लाख की आबादी पर कम से कम 30 से 32 लोगों की मौत टीबी से होता है।

यह संक्रामक बीमारी है। इसके तहत टीबी के चिंहित मरीजों के परिवार के सभी सदस्यों की कांउसलिंग करने के बाद उनका टीबी प्रीवेंटीव ट्रीटमेंट किया जाएगा। ताकि उनके शरीर के अंदर पनप रहे टीबी के जीवाणु को सक्रिय होने से पहले ही समाप्त कर दिया जाए।

जिससे टीबी के फैलाव के चेन को तोड़ने में मदद मिलेगी। इससे टीबी मुक्त समस्तीपुर बनाने में काफी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक आशा कार्यकर्ता को एक महीना में कम से कम पांच संदिग्ध मरीजों की जांच कराने की जिम्मेदारी दी जाए।

अगर ऐसा होता है तो संदिग्ध मरीजों की लंबी सूची होगी। जिसकी जांच कर हम टीबी मरीजों की खोज आसानी से कर सकते हैं।


मौके पर डब्ल्यूएचओ कंस्लटेंट डॉ. उमेश त्रिपाठी, डॉ. राजीव कुमार, प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर नीरज कुमार, कृष्णबली प्रसाद, विनय कुमार, डीपीसी आदित्य नाथ झा, डीक्यूसीए डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, सुमंत सिंह, डिस्ट्रिक्ट लीड विनय कुमार सिंह आदि थे।

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