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समस्तीपुर। महिला महाविद्यालय में इतिहास विभाग द्वारा वीर कुंवर सिंह जयंती को विजयोत्सव समारोह के रूप में मनाया गया। अध्यक्षता प्राचार्या प्रोफेसर डॉ सुनीता सिन्हा के द्वारा की गई। प्राचार्या महोदया द्वारा इन महापुरुष के चित्र पर माल्यार्पण तथा पुष्प अर्पित कर, उनकी व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की गई।
प्राचार्या महोदया ने कहा कि बहुआयामी तथा बहुप्रतिभाशाली व्यक्तित्व के धनी बाबू कुंवर सिंह बिहार के गौरव हैं, जिन्होंने अपनी वीरता के बल पर अपनी उम्र को पीछे छोड़कर, भारत के स्वतंत्रता संग्राम के रंगमंच पर बिहार का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित कराया।

इनके जीवन का प्रत्येक अध्याय हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। इतिहास विभाग के शिक्षक श्री सुरेश साह, डॉक्टर नेहा कुमारी जायसवाल, डाक्टर नीरज प्रसाद तथा डॉ स्वाति कुमारी द्वारा इनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बहुत सारी बातें बताई गई। श्री सुरेश साह ने कहा कि यह बिहार के सच्चे सपूत थे।

इन्होंने बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश का 18 57 के स्वतंत्रता संग्राम में बहुत सारी लड़ाइयां लड़ी।डॉक्टर नेहा कुमारी जायसवाल ने कहा कि उन्होंने आर्थिक, सामाजिक राजनीतिक तथा शारीरिक रूप से स्वतंत्रता संग्राम में अपना अतुलनीय योगदान दिया।

प्रोफेसर डॉ अरुण कुमार करण ने कहा कि वृद्धावस्था में इस प्रकार के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देकर हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। डॉक्टर विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि उनके अदम्य साहस को देखकर अंग्रेजी सरकार को 1857 के बाद अपनी नीतियों में सुधार करना पड़ा।

उपस्थित सभी शिक्षकों और छात्राओं ने उनके चित्र पर पुष्प चढ़ाया। इस आयोजन में इतिहास विभाग की छात्राओं साक्षी कुमारी कुमारी कुमारी ने अपने विचार रखें।

मौके पर डॉक्टर सोनी सलोनी, डॉक्टर रीता चौहान, श्रीमती नीतिका सिंह, डॉक्टर मधुलिका मिश्रा, डॉक्टर कुमारी अनु, डॉक्टर वंदना कुमारी, डॉक्टर लालिमा सिन्हा,डॉ कुमारी शबनम, डॉक्टर शगुफ्ता यासमीन, डॉक्टर श्रीविद्या,

डॉ राजेश कुमार पांडे, डॉक्टर सालेहन अहमद, डॉक्टर नवेश कुमार, डॉक्टर रेखा कुमारी, डॉ कविता वर्मा, डॉक्टर संगीता कुमारी, डॉक्टर सोनल कुमारी, डॉक्टर रिंकी कुमारी, डॉक्टर कुमारी माधवी, डॉ स्नेह लता, डॉक्टर अनुराधा, डॉक्टर अनु कुमारी आदि उपस्थित रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ विजय कुमार गुप्ता ने किया।





