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समस्तीपुर। समस्तीपुर शहर के काशीपुर वीर कुंवर सिंह कॉलोनी स्थित संस्कारम परिसर में आयोजित श्रीमद देवी भागवत कथा के सातवें दिन महामाया देवी एवं भगवती के देवताओं को साम्राज्य सौंपने सहित अन्य प्रसंग को विस्तार से सुनाया गया। इस दौरान आचार्य योगेश प्रभाकर जी महाराज ने कहा कि संसर्ग में आने से उसका गुण भी उसमें समाहित होता है। इस लिए जो लोग मां दुर्गा के रुप शक्ति की आराधना करते हैं। उसमें भगवती की शक्ति समाहित हो जाता है और वह मोक्ष को प्राप्त करता है।

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण चरित्र में तीन चीजें शक्ति, युक्ति व नीति सीखने की जरुरत है। जीवन में कब और कहां किसा उपयोग करना चाहिए, यह श्रीकृष्ण चरित्र में वर्णित है। उन्होंने कहा कि अपने घर व स्वजन को बचान के लिए देह का त्याग करना चाहिए तो वह भी कर देना चाहिए।

आचार्य योगेश प्रभाकर जी महाराज ने कहा कि हमे उन लोगों से हमेशा दूर रहना चाहिए जो लोग हमारी महत्वाकांक्षाओं को कम करने की कोशिश करते हैं। छोटी सोच वाले लोग हमेशा ऐसा ही करते है, जबकि महान लोगों को लगता है की आप भी महान बन सकते हैं।

मौके पर आयोजक राजेश झा के अलावे अन्य उपस्थित थे। इस दौरान आरती में सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बतादें कि कथा 30 मार्च तक चलेगी।







