समस्तीपुर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्ट्रेट में स्वास्थ्य विभाग व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए डीएम योगेंद्र सिंह ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा के बाद डीएम ने स्कूली बच्चों एवं स्कूल से बाहर रहने वाले शतप्रतिशत बच्चों को कृमि मुक्ति की दवाई खिलाने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल पर यह दवा शिक्षकों की उपस्थिति में ही बच्चों को उम्र के हिसाब से दवा खिलायी जानी है। ताकि किसी भी तरह की समस्या नहीं हो। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं आईसीडीएस को आपसी सामांजस्य बनाकर इस अभियान को सफल बनाने का आदेश दिया। बतादें कि 16 मार्च से जिले में यह अभियान शुरु किया जाएगा। डीआईओ डॉ. विशाल कुमार ने बताया कि एक वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों को यह दवा नहीं खिलानी है। जबकि एक से दो साल के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली एवं दो से तीन साल के बच्चों को एक गोली खिलाएं। इस दवा की गोली को दो चम्मच के बीच रखकर पूरी तरह चूर्ण बना लें और पीने के पानी में मिलाकर ही खिलाएं।जबकि 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों व युवाओं को एल्बेंडाजोल की एक गोली खिलांए। यह दवाई हमेशा चबाकर पानी के साथ खाएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने सामने ही चम्मच से हर बच्चे को दवाई खिलाएं। दवाई बाद में खाने या घर ले जाने के लिए नहीं देना है। डीआईओ डॉ. विशाल कुमार ने कहा कि दवाई खिलाते समय खुली एवं छायादार जगह में रहें। जो बच्चे बीमार हैं, कोई अन्य दवाईले रहे हैं या कोविड के कोई लक्षण है तो ऐसे बच्चों को दवाई नहीं खिलायी जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दवा खिलाने से पहले खांसी, बुखार, सांस फूलना आदि लक्षणों की जानकारी ले लें।







