समस्तीपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरे जिले में ठप है। पिछले 24 घंटे से अधिक समय से सर्वर डाउन होने के कारण जिले में कहीं भी आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड नहीं बनाया जा रहा है। जिसके कारण अस्पतालों में आने वाले मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्ड बनाने के लिए लाभुक एवं उसके परिजन सदर अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों से लेकर सीएसी का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन पिछले 24 घंटे के कारण साइट पूरी तरह बंद है। जिससे आयुष्मान मित्र का आईडी भी काम नहीं कर रहा है। आयुष्मान मित्रों की मानें तो पूरे बिहार में ही पिछले 24 घंटे से सर्वर ठप हो गया है। जिसके कारण किसी भी लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड नहीं बनाया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार आयुष्मान मित्रों को बीआईएस शून्य प्वाइंट वन आईडी को फिलहाल बंद कर दिया गया है। इसके बदले अब सभी आयुष्मान मित्रों को बीआईएस शून्य प्वाइंट टू का आईडी बनाया गया है, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण वह कार्य नहीं कर रहा है। जबकि बीआईएस वन आईडी बेहतर कार्य कर रहा था। बतादें कि समस्तीपुर जिले के सदर अस्पताल सहित सभी प्रखंडों के सरकारी अस्पताल में आयुष्मान मित्रों के द्वारा गोल्डन कार्ड बनाया जाता है। इसके अलावे जिले के सभी कॉमन सर्विस सेंटर व वसुधा केंद्र पर भी आईडी को शुरु किया जा चुका है, लेकिन फिलहाल सभी का आईडी बंद है। जबकि जिले में लगभग 26 लाख से अधिक लाभुकों की संख्या है, जिसे आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलना है। इसमें अब तक जिले में लगभग तीन लाख 48 हजार लाभुकों का कार्ड बनाया गया है। इस संबंध में आयुष्मान भारत के डीपीसी कंचन माला ने बताया कि बीआईएस टू आईडी में कुछ तकनीकि गड़बडी होने के कारण पूरे बिहार का ही सर्वर डाउन है। जिसके कारण किसी भी लाभुकों का कार्ड नहीं बन रहा है। उसपर काम चल रहा है। सर्वर आते ही काम शुरु हो जाएगा। बता दें कि आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभुकों प्रत्येक साल 5 लाख तक के इलाज की निशुल्क सुविधा दी जाती है। इसके तहत समस्तीपुर जिले में 17 निजी अस्पतालों में यह सुविधा है। जहां आयुष्मान भारत के लाभुकों को किसी भी बीमारी का इलाज कार्ड के आधार पर निशुल्क किया जा सकता है। इसके अलावा समस्तीपुर सदर अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों में भी इसकी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण कार्ड के नहीं बनने से मरीज काफी परेशान हैं। वहीं मरीजों का इलाज भी नहीं हो रहा है। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें ऑपरेशन का समय दे दिया गया है, लेकिन कार्ड काम नहीं कर रहा है। जिसके कारण डॉक्टर ऑपरेशन करने से हरा कर रहे हैं।







