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Doorbeen News Desk : अग्निशमन प्रशिक्षण एवं मॉक ड्रिल के साथ एन एस एस के सात दिवसीय विशेष शिविर का भव्य समापन।
आचार्य नरेन्द्र देव महाविद्यालय, शाहपुर पटोरी, समस्तीपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा दिनांक 24 से 30 अक्टूबर, 2026 के बीच आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन अग्निशमन प्रशिक्षण एवं मॉक ड्रिल के साथ किया गया। शिविर के अंतिम दिन अनुमंडल अग्निशमन विभाग के प्रशिक्षक द्वारा स्वयंसेवकों को आग से बचाव एवं आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा के उपायों की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को मॉक ड्रिल के माध्यम से बताया गया कि आग लगने की स्थिति में किस प्रकार स्वयं को सुरक्षित रखा जा सकता है तथा घरेलू गैस सिलेंडर में आग लगने पर किस प्रकार सावधानीपूर्वक उस पर नियंत्रण पाया जा सकता है? प्रशिक्षक ने आग बुझाने के विभिन्न तरीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कर स्वयंसेवकों को व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित किया।


इससे स्वयंसेवकों में आपदा के समय सूझ-बूझ, सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की समझ विकसित हुई। समापन समारोह को संबोधित करते हुए कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो अजय कुमार ने सभी स्वयंसेवकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत गोद लिए गए गांव चकसलेम के मुसहरी टोला में स्वयंसेवकों ने जिन समस्याओं को देखा और समझा है, उनके स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों को सूचित कर आवश्यक पहल करनी होगी। तभी सात दिवसीय विशेष शिविर की मूल भावना और ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प साकार हो सकेगा।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने संकल्प लिया कि वे गोद लिए गए गांव चकसलेम के मुसहरी टोला के विकास एवं वहां की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। स्वयंसेवकों का कहना था कि गांव की स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाना ही उनकी प्राथमिकता होगी। गांव का विकास ही विकसित भारत के सपने को साकार करने का मजबूत आधार है।


समारोह में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ आर एन चौरसिया ने ऑनलाइन अपने प्रेरणादायक संबोधन में शिविर स्वयंसेवकों के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्वयंसेवक जिस तरह समाज में परिवर्तन लाने के लिए अपनी सहभागिता निभा रहे हैं, चाहे वे नशामुक्ति अभियान हो, स्वच्छता अभियान हो या साक्षरता आदि अभियान हो, ये सब अत्यंत ही सराहनीय एवं अनुकरणीय हैं।
यदि भारत का प्रत्येक युवा इसी प्रकार राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे तो निश्चित रूप से वर्ष 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनाने का सपना पूरा होगा। विशेष शिविर स्वयंसेवकों के लिए कैंपस टू कम्युनिटी की यात्रा है, जिससे उनके चरित्र का निर्माण एवं व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है।
सात दिनों तक चले इस विशेष शिविर में स्वयंसेवकों ने सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, साक्षरता, वृक्षारोपण एवं स्वास्थ्य जागरूकता, रक्तदान तथा सामुदायिक विकास जैसे विभिन्न विषयों पर कार्य किया।

शिविर ने स्वयंसेवकों में सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सेवा भावना को मजबूत करने का महत्त्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अमरजीत राम ने शिविर को सफल बनाने में मार्गदर्शन एवं विशेष सहयोग देने वाले प्रधानाचार्य, विश्वविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक, शिक्षकों, अग्निशमन विभाग के प्रशिक्षकों, स्थानीय ग्रामीणों एवं सभी स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सात दिवसीय शिविर का समापन भले ही हो रहा है, लेकिन समाज के प्रति स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी और सेवा का संकल्प निरंतर जारी रहेगा।


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