93 वर्षों की परंपरा: षष्ठी पर खुला मां दुर्गा का पट, जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा कृष्ण टॉकीज दुर्गाबाड़ी

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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर : शारदीय नवरात्र की षष्ठी तिथि पर शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित कृष्ण टॉकीज दुर्गाबाड़ी में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मां दुर्गा का पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया। माता कात्यायनी की आराधना के बाद जैसे ही पट खुला, पूरा परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा। मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। श्रद्धालुओं ने माता के समक्ष शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

कृष्ण टॉकीज दुर्गाबाड़ी में पिछले 93 वर्षों से बंगाली परंपरा के अनुसार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है। यहां की पूजा पद्धति जिले के अन्य पूजा स्थलों से अलग है। बंगाली समुदाय की ओर से आयोजित इस पूजा में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक परंपराओं की भी विशेष झलक देखने को मिलती है।

षष्ठी को पट खोलने की वर्षों पुरानी परंपरा

पूजा कमेटी के सचिव अजीत पॉल ने बताया कि दुर्गाबाड़ी में प्रत्येक वर्ष षष्ठी तिथि को माता की विशेष आराधना के बाद प्रतिमा का पट खोला जाता है। कलश स्थापना से लेकर विजयादशमी तक बंगाली रीति-रिवाज से माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा होती है। इस दौरान प्रतिदिन अलग-अलग धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

उन्होंने बताया कि जिले में बंगाली समुदाय की ओर से आयोजित यह विशिष्ट दुर्गा पूजा है। यहां बंगाली समाज की महिलाएं और बच्चे भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। पूजा के दौरान उनके द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाती है।

तीन दिनों तक लगेगा खिचड़ी का महाभोग

सचिव अजीत पॉल ने बताया कि सप्तमी, अष्टमी और नवमी को माता को विशेष रूप से खिचड़ी का महाभोग लगाया जाएगा। पूजा-अर्चना के बाद इसे श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा।

दुर्गाबाड़ी में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ बंगाली संस्कृति की झलक श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। पट खुलने के साथ ही यहां दुर्गा पूजा का उत्साह और बढ़ गया है।

*गाजे-बाजे के साथ निकली बेल निमंत्रण यात्रा, माता के जयकारों से गूंज उठा समस्तीपुर – Doorbeen News*

गाजे-बाजे के साथ निकली बेल निमंत्रण यात्रा, माता के जयकारों से गूंज उठा समस्तीपुर

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