मंडल में ‘राजभाषा पखवाड़ा–2026’ का भव्य शुभारंभ, राजभाषा संगोष्ठी का हुआ आयोजन

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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर मंडल कार्यालय में राजभाषा पखवाड़ा-2026’ का उत्साहपूर्वक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) के तत्वावधान में एक विशेष राजभाषा संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक, अपर मंडल रेल प्रबंधक एवं सभी संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस गरिमामयी समारोह में अध्यक्ष, नराकास सह क्षेत्रीय प्रबंधक (यूनियन बैंक ऑफ इंडिया) श्री प्रेमरंजन कुमार तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार डॉ. संजय पंकज ने शिरकत की।

इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों, उपक्रमों, बैंकों और पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय सहित तमाम संस्थानों के प्रतिनिधि भारी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ. संजय पंकज ने हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के कई ऐसे महापुरुष जिनकी मातृभाषा हिंदी नहीं थी, उन्होंने भी इसके मान, संरक्षण और संवर्धन के लिए दीर्घदृष्टि के साथ कार्य किया। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, लोकमान्य तिलक, महात्मा गांधी, काकासाहब कालेलकर और सी. राजगोपालाचारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके हिंदी के लिए किए गए कार्य हमें प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने देश की सभी भाषाओं को अपनी मूल लिपि को समृद्ध रखने के साथ-साथ नागरी लिपि में भी लिखने का अभ्यास करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा विभिन्न राज्यों की मातृभाषा रूपी अनमोल खजानों को एक सूत्र में पिरोने का सूत्रधार बन सकती है। रामचरितमानस और हिंदी के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इनके बिना हमारी सांस्कृतिक जड़ें कमजोर हो जाएंगी।

कार्यक्रम के दौरान हिंदी के महत्व को दर्शाती चार विशेष वीडियो क्लिप्स भी प्रदर्शित की गईं, जिन्होंने उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया:

प्रधानमंत्री का संदेश: इस में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य पर आधारित फिल्म दिखाई गई, जिसमें उन्होंने हिंदी की महत्ता का विस्तार से वर्णन किया है।

जावेद अख्तर के विचार: प्रसिद्ध गीतकार एवं शायर जावेद अख्तर की क्लिप के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भाषाएं नियमों या शुद्धता के आग्रह से नहीं, बल्कि खुले दरवाजों और शब्दों के आदान-प्रदान से जीवित रहती हैं। उन्होंने ऐसी जुबान के प्रयोग पर बल दिया जिसे अधिकाधिक लोग समझ सकें।

आशुतोष राणा की वीडियो क्लिप प्रस्तुति: जाने-माने अभिनेता एवं कलाकार श्री आशुतोष राणा की वीडियो क्लिप द्वारा राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कृति ‘रश्मिरथी’ (तृतीय सर्ग) के अंतर्गत भगवान कृष्ण के शांतिदूत बनकर कौरव सभा में जाने और युद्ध टालने के ऐतिहासिक संवाद का ओजस्वी पाठ प्रस्तुत किया गया।

अशोक चक्रधर की हास्य शैली: प्रसिद्ध हास्य कवि अशोक चक्रधर की वीडियो क्लिप के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि संस्कृत हमारा मूलाधार है, और हिंदी को जीवंत बनाए रखने के लिए भाषाई मेल-मिलाप बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम के अंत में मंडल वित्त प्रबंधक ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

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