मोहनपुर, हसनपुर और विद्यापतिनगर में बाढ़ से 2.33 लाख लोग प्रभावित, 58 सामुदायिक रसोई से मिल रहा भोजन

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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर। जिले के बाढ़ प्रभावित मोहनपुर, हसनपुर और विद्यापतिनगर प्रखंडों में जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। तीनों प्रखंडों में करीब 2,33,212 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, अस्थायी आश्रय और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से विभिन्न स्तरों पर व्यवस्था की गई है।

58 सामुदायिक रसोई में 25 हजार से अधिक लोगों को भोजन

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए तीनों प्रखंडों में 58 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोइयों के माध्यम से अब तक करीब 25,858 लोगों को भोजन कराया जा चुका है। प्रशासन की ओर से रसोई में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की नियमित निगरानी की जा रही है।

वहीं, बारिश और बाढ़ से बचाव के लिए प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 31,398 पॉलिथीन शीट वितरित की जा चुकी हैं। इससे लोगों को अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

18 मेडिकल कैंप में जांच और दवाओं की सुविधा

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने के लिए 18 मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं। यहां लोगों की स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को लगातार प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए जरूरत के अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

पशुओं के लिए 17 शेड, 216 क्विंटल चारा वितरित

बाढ़ के दौरान पशुधन की सुरक्षा के लिए 17 पशु राहत/शेड कैंप बनाए गए हैं। पशुओं के लिए चारा और भूसा उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक करीब 216 क्विंटल भूसा एवं पशु चारा वितरित किया जा चुका है।

इसके साथ ही 17 पशु चिकित्सा कैंप भी संचालित किए जा रहे हैं। इन कैंपों के माध्यम से अब तक 264 पशुओं को दवा और उपचार उपलब्ध कराया गया है। पशु चिकित्सा टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं।

192 नावों से आवागमन और राहत सामग्री पहुंचाने का काम

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन और राहत-बचाव अभियान के लिए 192 नावों का परिचालन किया जा रहा है। मोहनपुर, हसनपुर और विद्यापतिनगर के प्रभावित इलाकों में नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ राहत सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जा रही है।

जिला प्रशासन के अनुसार, बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज किया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें समय पर भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, आश्रय, राहत सामग्री तथा पशुओं के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है।

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि बाढ़ के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और जोखिम वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा गया है।

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