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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर। प्रभारी सचिव, समस्तीपुर जिला-सह-सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार सरकार प्रणव कुमार द्वारा आज हसनपुर-धमौन के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण एवं स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन राजेश सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी, बाढ़ प्रमंडल के पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव द्वारा बाढ़ की वर्तमान स्थिति, जलस्तर, प्रभावित आबादी, आवागमन, राहत एवं बचाव कार्य तथा आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही आवश्यक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली गई। उन्होंने स्थल पर उपस्थित अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त करते हुए प्रत्येक बिंदु पर आवश्यक एवं विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।


प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ संचालित किए जाएं। प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, दवा एवं अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान नाव एवं नाविकों की उपलब्धता, गोताखोरों की तैनाती, सामुदायिक रसोई के संचालन, प्रभावित लोगों के सुरक्षित ठहराव, राहत सामग्री के वितरण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पशुपालन पदाधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता के अनुसार प्रभावित पशुपालकों तक चारा पहुंचाने का निर्देश दिया गया।
वहीं, सिविल सर्जन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल टीम एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।


बाढ़ प्रमंडल के पदाधिकारियों को तटबंधों एवं अन्य संवेदनशील स्थलों पर सतत निगरानी रखने तथा कटाव अथवा किसी भी प्रकार की क्षति की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
अनुमंडल एवं जिला स्तर पर सतत निगरानी
प्रभारी सचिव द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी को अनुमंडल स्तर पर कंट्रोल रूम के माध्यम से बाढ़ की स्थिति, जलस्तर, प्रभावित क्षेत्रों एवं राहत-बचाव कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।
साथ ही, जिला स्तर पर 24×7 कार्यरत जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) के माध्यम से पूरे जिले में बाढ़ की स्थिति एवं राहत-बचाव कार्यों की सतत निगरानी एवं त्वरित समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति अथवा सूचना प्राप्त होने पर संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों के साथ तत्काल समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।


प्रभारी सचिव ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता से कार्य करने तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं मानव बल को तैयार अवस्था में रखने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने प्रभारी सचिव को जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति तथा जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनों की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हुए उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थल स्तर, अनुमंडल स्तर एवं जिला स्तर पर प्रभावी समन्वय एवं सतत निगरानी के साथ कार्य करते हुए बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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