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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर। संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर मोरदिवा पंचायत भवन परिसर में विशेष ‘संत रविदास शिविर’ का आयोजन किया गया। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग तथा बिहार महादलित विकास मिशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई।
कार्यक्रम की शुरुआत जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पदाधिकारियों ने संत रविदास जी के तैल चित्र पर दीप प्रज्वलित कर की। इसके बाद माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई।
संत रविदास के विचारों को बताया समतामूलक समाज का आधार
समारोह को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने संत रविदास जी के जीवन और विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत रविदास ऐसे समाज की कल्पना करते थे, जहां जाति, धर्म और वर्ग के आधार पर किसी के साथ भेदभाव न हो तथा सभी को समान अधिकार मिले।
उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ जिला प्रशासन समाज के अंतिम पायदान तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहा है। शिविर का उद्देश्य प्रशासन को सीधे लोगों के बीच पहुंचाना है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित योजनाओं को पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला पदाधिकारी ने शिविर में प्राप्त आवेदनों की समयबद्ध समीक्षा कर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने की बात कही।
एक ही जगह कई विभागों के पटल, ग्रामीणों ने दिए आवेदन
शिविर में ग्रामीणों की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों के अलग-अलग सहायता पटल लगाए गए थे। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पंचायती राज, समाज कल्याण, राजस्व और आपूर्ति विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मी मौजूद रहे।
इन सहायता पटलों पर ग्रामीणों ने पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना, छात्रवृत्ति, भूमि विवाद, स्वास्थ्य जांच और कृषि सामग्री से संबंधित समस्याएं रखीं। कर्मियों ने आवेदन प्राप्त करने के साथ संबंधित मामलों की जानकारी भी लोगों को दी। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया।
शिविर के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की पात्रता और उनसे मिलने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी दी।


अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक रहे मौजूद
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक, जिला कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों में प्रखंड बीस सूत्री उपाध्यक्ष, प्रखंड उप प्रमुख और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी शिविर में भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मंगलेश कुमार ने किया। समापन के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग देने वाले अधिकारियों, कर्मियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रति आभार जताया। शिविर के माध्यम से प्रशासन ने लोगों को यह भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं और सरकारी योजनाओं से जुड़े आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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