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यूरिया-डीएपी ऊंचे दाम पर बेचने का आरोप, सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग
Doorbeen News Desk: उजियारपुर, 18 अगस्त। सरकारी दर पर रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने, किसानों को पक्का बिल देने और खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले मंगलवार को उजियारपुर में प्रतिरोध मार्च निकाला गया। वैद्यनाथ सहनी एवं शंकर प्रसाद यादव के नेतृत्व में निकाला गया मार्च हनुमान चौक लोहागीर पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी का पुतला फूंका।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “सरकारी दर पर खाद की बिक्री क्यों, विधायक-सांसद जवाब दो”, “खाद की कालाबाजारी क्यों, सम्राट चौधरी जवाब दो” और “मिलावटी खाद की बिक्री क्यों, जिला कृषि पदाधिकारी जवाब दो” जैसे नारे लगाए।
सरकारी दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने का आरोप
पंचायत अध्यक्ष सुशील सहनी की अध्यक्षता में आयोजित प्रतिरोध सभा को संबोधित करते हुए किसान महासभा के जिलाध्यक्ष महावीर पोद्दार ने आरोप लगाया कि प्रखंड एवं जिला कृषि पदाधिकारियों के नियंत्रण से उर्वरक विक्रेता बाहर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यूरिया का सरकारी मूल्य 266 रुपये प्रति बोरी है, जबकि किसानों से 400 से 410 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इसी तरह डीएपी की सरकारी दर 1650 रुपये प्रति बोरी होने के बावजूद 2200 से 2400 रुपये तक में बिक्री किए जाने का आरोप लगाया।
महावीर पोद्दार ने कहा कि किसानों से प्रति बोरी 200 से 700 रुपये तक अतिरिक्त राशि वसूले जाने से उनका आर्थिक शोषण हो रहा है। उन्होंने खाद की कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
‘ऊंचे दाम पर खाद बिक्री पर रोक लगाए प्रशासन’
सभा को संबोधित करते हुए किसान महासभा के जिला सचिव ललन कुमार ने कहा कि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती नौकरशाही और कथित भ्रष्टाचार के कारण किसानों की परेशानी बढ़ी है।
उन्होंने मिलावटी रासायनिक उर्वरक की बिक्री की जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा किसानों को सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


इन मांगों को लेकर आंदोलन
किसान महासभा ने किसानों को सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराने, पक्का बिल एवं सही रसीद देने, कालाबाजारी रोकने, मिलावटी खाद की जांच कराने, समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और किसानों का आर्थिक शोषण बंद करने की मांग उठाई।
सभा को किसान नेता राम भरोस राय, वैद्यनाथ सहनी, रणजीत सहनी, रामाकांत सहनी, रामानंद सहनी और राम विलास सहनी ने भी संबोधित किया।

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