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Doorbeen News Desk: पटना: बिहार में आयुष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की पहल पर राज्य के सात जिलों में 50-50 बेड वाले आधुनिक आयुष अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। इन अस्पतालों में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (AYUSH) पद्धति से मरीजों का उपचार किया जाएगा तथा दवाएं भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
राज्य आयुष समिति द्वारा केंद्र सरकार के सहयोग एवं मार्गदर्शन में इस परियोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रस्तावित अस्पताल बेगूसराय, सीवान, गया, गोपालगंज, मधुबनी, दरभंगा और पश्चिमी चंपारण (मोतिहारी) में खोले जाएंगे।
भूमि चयन पूरा, जल्द शुरू होगा निर्माण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी चयनित जिलों में अस्पताल निर्माण के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। भवन निर्माण का कार्य बिहार चिकित्सा सेवा एवं अवसंरचना निगम लिमिटेड (BMSICL) के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर मिलेगा आयुष पद्धति से इलाज
नए आयुष अस्पतालों के शुरू होने के बाद मरीजों को स्थानीय स्तर पर ओपीडी के साथ-साथ भर्ती होकर उपचार की सुविधा भी मिलेगी। इससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अपने जिले में ही उपलब्ध हो सकेंगी।
वर्तमान में सीमित हैं आयुष संस्थान
फिलहाल बिहार में आयुष चिकित्सा के तहत पटना, बेगूसराय, दरभंगा, बक्सर (डुमरांव) और भागलपुर में राजकीय आयुर्वेद कॉलेज संचालित हैं, हालांकि इनमें से केवल दो कॉलेजों में नियमित पठन-पाठन हो रहा है। होम्योपैथी के लिए मुजफ्फरपुर स्थित आरबीटीएस होमियोपैथी कॉलेज तथा यूनानी चिकित्सा के लिए राजकीय तिब्बी कॉलेज, पटना राज्य का एकमात्र संस्थान है।
पटना सिटी में आयुष अस्पताल तैयार
इस बीच पटना सिटी के नवाब मंजिल में 50 बेड का आयुष अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। यहां आयुष चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती भी कर दी गई है। विभाग के अनुसार, जल्द ही अस्पताल में ओपीडी सेवा और मरीजों की भर्ती कर उपचार की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नए आयुष अस्पतालों की स्थापना से बिहार में पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी और आम लोगों को सुलभ, किफायती एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।


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