पंचायत विकास दिवस पर विकास योजनाओं का हुआ सामाजिक लेखा-जोखा, महिला हितैषी ग्राम पंचायत की अवधारणा पर दिया गया विशेष जोर

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Doorbeen News Desk: शिवाजीनगर सरकार के निर्देशानुसार रविवार को शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत सभी 17 ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा, आगामी योजनाओं की रूपरेखा तथा जनभागीदारी के साथ पंचायतों के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।

पंचायत भवनों में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत स्तरीय कर्मियों, महिला प्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विकास संबंधी विषयों पर अपने सुझाव भी दिए। कार्यक्रम के दौरान पंचायतों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त राशि, अब तक किए गए व्यय तथा शेष उपलब्ध राशि की विस्तृत जानकारी आम नागरिकों के समक्ष रखी गई। इसके साथ ही विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायत स्तर पर योजनाओं का सफल क्रियान्वयन तभी संभव है, जब ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
इस अवसर पर “महिला हितैषी ग्राम पंचायत थीम” चर्चा का प्रमुख विषय रही। पंचायत प्रतिनिधियों ने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में पंचायतों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। महिलाओं को स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ाने संबंधी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। महिला प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखते हुए पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की अवधारणा पर चर्चा करते हुए बताया गया कि ग्राम पंचायतें स्थानीय विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक उन्नयन के लिए योजनाओं का निर्माण एवं प्रभावी क्रियान्वयन जनसहभागिता से ही संभव है। वक्ताओं ने कहा कि सबका योजना सबका विकास की परिकल्पना को साकार करने के लिए पंचायत के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अनिवार्य है। सामाजिक न्याय के साथ समावेशी विकास ही पंचायत व्यवस्था का मूल उद्देश्य है। कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह, दहेज प्रथा, मद्य निषेध, महिला सुरक्षा एवं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।

महिला प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार द्वारा शराबबंदी एवं सामाजिक सुधार की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि इन अभियानों को जनआंदोलन का रूप देने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। उपस्थित ग्रामीणों ने भी पंचायत विकास दिवस जैसी पहल को लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्णी कदम बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता रहटौली पंचायत के मुखिया प्रेम कुमार सहनी, मधुरापुर के भरत सिंह, बंधार की चंदन कुमारी, करियन के संजीव पासवान, रानीपरती के विनोद पासवान, भटौली की सरिता कुमारी, डुमरा मोहन की सुनैना देवी, रजौर रामभद्रपुर के रामचंद्र सिंह, दहियार रन्ना की रिंकू देवी, परसा की राजकुमारी देवी, घिवाही के दुखा मुखिया, दसौत के नटवर राय तथा रहियार दक्षिण के अशर्फी सहनी सहित अन्य पंचायतों के मुखियाओं ने की। संचालन पंचायत सचिव महेंद्र पासवान, जितेंद्र कुमार, मिथिलेश कुमार, रवि रंजन कुमार, उमेश प्रसाद, सौरव सावंत, संजय कुमार सहित अन्य पंचायत सचिवों ने किया। जिन पंचायतों में पंचायत सचिव प्रभार में थे, वहां राजस्व कर्मचारी एवं पंचायत रोजगार सेवकों को कार्यक्रम संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई।

प्रखंड विकास पदाधिकारी आलोक कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की सफलता को लेकर पूर्व में ही सभी पंचायत स्तरीय कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु निर्देश जारी किए गए थे। बीडीओ ने बताया कि अब प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रखंड की सभी पंचायतों में नियमित रूप से पंचायत विकास दिवस मनाया जाएगा, ताकि विकास योजनाओं की समीक्षा, जनसमस्याओं का समाधान तथा पंचायतों के सर्वांगीण विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के बीच सतत संवाद स्थापित हो सके।

 

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