व्हाट्सएप से जुड़ने को क्लीक करें
Doorbeen News Desk: शिवाजीनगर किसानों को बदलते मौसम की चुनौतियों से निपटने, खेती की लागत कम करने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से शनिवार को शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत घिवाही एवं रहियार उत्तर पंचायत में कृषि जन कल्याण चौपाल सह खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों ने भाग लिया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती, संतुलित उर्वरक के प्रयोग, कम अवधि वाली धान की उन्नत किस्मों की खेती तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग के प्रति जागरूक किया।
साथ ही विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए किसानों से समय रहते आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने की अपील की गई। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सहायक तकनीकी प्रबंधक इंद्रजीत गौरव ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के बीच किसानों को भी डिजिटल माध्यमों से जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि सभी किसान जल्द से जल्द अपना फॉर्मर आईडी बनवाएं, ताकि भविष्य में कृषि विभाग की किसी भी योजना का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा किसानों के लिए कई लाभकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ फॉर्मर आईडी के माध्यम से और अधिक पारदर्शी एवं सुगमता से उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने किसानों से अपने मोबाइल फोन में बिहार कृषि ऐप डाउनलोड करने की भी अपील की। कहा कि इस ऐप के माध्यम से किसानों को कृषि विभाग की सभी योजनाओं, अनुदान, प्रशिक्षण कार्यक्रम, मौसम संबंधी जानकारी तथा कृषि से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं समय पर प्राप्त होती रहेंगी। इससे किसान समय रहते योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे और खेती को अधिक लाभकारी बना पाएंगे।

सहायक तकनीकी प्रबंधक अमरदीप शर्मा ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक किसान अपने कुल जोत क्षेत्र के कम से कम एक चौथाई हिस्से में प्राकृतिक खेती का प्रयोग अवश्य करें। इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी, मिट्टी की उर्वराशक्ति बनी रहेगी तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मिट्टी की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है, इसलिए बिना मिट्टी जांच कराए उर्वरकों का प्रयोग करना नुकसानदायक साबित हो सकता है। किसानों को पहले मिट्टी की जांच कराकर उसकी आवश्यकता के अनुसार ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने किसानों को कम अवधि में तैयार होने वाली धान की उन्नत किस्मों की खेती करने की सलाह देते हुए कहा कि इन किस्मों में कम पानी की आवश्यकता होती है तथा समय पर फसल तैयार होने से अगली फसल की बुआई भी आसानी से की जा सकती है। बदलते मौसम और अनिश्चित वर्षा को देखते हुए मौसम के अनुरूप खेती अपनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों की खेती कम पानी में भी सफलतापूर्वक की जा सकती है। इसके साथ ही इनकी बाजार में मांग भी लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों की आमदनी में वृद्धि संभव है।
रहियार उत्तर पंचायत के पंचायत समिति सदस्य एवं उपसरपंच ने भी किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की कृषि योजनाओं का पूरा लाभ लेने के लिए किसानों को विभाग के साथ लगातार संपर्क में रहना चाहिए। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने तथा कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नियमित भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि नई तकनीक और वैज्ञानिक सलाह के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की तथा उनके समाधान के संबंध में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने किसानों के सवालों का विस्तार से उत्तर देते हुए उन्हें उन्नत खेती के लिए आवश्यक सुझाव दिए। चौपाल में मौजूद किसानों ने कृषि विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। दोनों पंचायतों में आयोजित इस कृषि जन कल्याण चौपाल सह खेत बचाओ अभियान में सैकड़ों किसानों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे पूरा कार्यक्रम ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं सफल साबित हुआ।

*स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को ACP/MACP लाभ देने की तैयारी, मांगा गया सेवा अभिलेख – Doorbeen News*
स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को ACP/MACP लाभ देने की तैयारी, मांगा गया सेवा अभिलेख





