व्हाट्सएप से जुड़ने को क्लीक करें
Doorbeen News Desk: भोजपुर/पटना। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर अब संत समाज की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। प्रसिद्ध कथावाचक और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री तथा अनिरुद्धाचार्य ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि घटना के समय वह विदेश में थे, लेकिन भारत लौटने के बाद उन्हें मामले की जानकारी मिली। उन्होंने भरत तिवारी को सामाजिक कार्यों से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह उनके परिजनों से मिलने बिलौटी गांव जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने और सजा देने का अधिकार न्यायालय को है, न कि किसी अन्य को। यदि आत्मसमर्पण के बाद किसी की जान ली गई है, तो यह गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


वहीं कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सामने आए वीडियो और दावों ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति प्रशासन से अपनी बात रखता है और उसकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो यह भी चिंतन का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण कर दिया हो, तो उसके साथ कानून के अनुसार व्यवहार होना चाहिए।


एनकाउंटर पर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
भारत में पुलिस मुठभेड़ों (एनकाउंटर) को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। एक पक्ष इन्हें अपराध नियंत्रण का प्रभावी तरीका मानता है, जबकि दूसरा पक्ष हर मुठभेड़ की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करता है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कार्रवाई कानून के दायरे में हुई या नहीं।
भरत तिवारी मामले में भी यही बहस फिर तेज हो गई है। एक ओर पुलिस का दावा है कि कार्रवाई परिस्थितियों के अनुसार की गई, वहीं परिजन, ग्रामीण और कुछ सामाजिक व धार्मिक हस्तियां घटना की न्यायिक या स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल मामले में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगी।


*भोजपुर एनकाउंटर मामला: SDPO राजेश शर्मा लाइन हाजिर, हत्या का केस दर्ज, सरेंडर के बाद फायरिंग पर उठे सवाल – Doorbeen News*





