पंखा नहीं, पानी नहीं… भीषण गर्मी में तप रहे आंगनबाड़ी के मासूम, समस्तीपुर के 4934 केंद्रों में छोटे बच्चों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा

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Samastipur News: समस्तीपुर जिले में भीषण गर्मी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। दोपहर से पहले ही तपती धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। ऐसे हालात में जहां प्रशासन लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दे रहा है, वहीं जिले के हजारों छोटे बच्चे बिना पंखे और पानी की सुविधा के आंगनबाड़ी केंद्रों में बैठने को मजबूर हैं। जिले में संचालित 4934 आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति यह है कि भवन तो बना दिए गए, लेकिन बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं आज तक उपलब्ध नहीं कराई जा सकीं।

▪️ जिले में 4934 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित
▪️ अधिकांश केंद्रों में बिजली और पानी की सुविधा नहीं
▪️ भीषण गर्मी में बिना पंखे के बैठ रहे बच्चे
▪️ केंद्र संचालन का समय घटाकर सुबह 7:30 से 11 बजे किया गया
▪️ सरकार से पंखा लगाने के लिए नहीं मिला फंड
▪️ आंगनबाड़ी संघ ने बच्चों की सुरक्षा पर उठाए सवाल

गर्म कमरों में बैठने को मजबूर बच्चे
सुबह होते ही तेज धूप और उमस का असर शुरू हो जाता है। इसके बावजूद छोटे-छोटे बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचते हैं, जहां ना पंखा है और ना ही पर्याप्त पानी की व्यवस्था। कई केंद्रों पर बच्चे फर्श पर बैठकर प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करते हैं। गर्मी से परेशान बच्चों के चेहरे पर बेचैनी साफ दिखाई देती है।

आधा घंटा घटा समय, लेकिन राहत नहीं
जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा के निर्देश पर केंद्र संचालन के समय में कटौती करते हुए इसे सुबह 7:30 बजे से 11 बजे तक कर दिया गया है। लेकिन धूप और गर्मी का असर सुबह से ही शुरू हो जाने के कारण बच्चों को राहत नहीं मिल रही।

विभाग बोला—फंड नहीं मिला
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) सुनीता ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पंखा लगाने के लिए सरकार की ओर से कोई अलग फंड उपलब्ध नहीं कराया गया है। बिजली कनेक्शन के लिए सभी सीडीपीओ को स्थानीय बिजली विभाग के जेई से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है।

संघ ने उठाए सवाल
समस्तीपुर आंगनबाड़ी केंद्र संघ की जिलाध्यक्ष किरण कुमारी ने कहा कि भीषण गर्मी में बच्चों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। कई बच्चे दूर-दराज से करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर केंद्र पहुंचते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर गर्मी से किसी बच्चे की तबीयत बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
उन्होंने कहा कि जिन केंद्रों को स्कूल भवनों में शिफ्ट किया गया है, वहां बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन परियोजना के तहत बने अधिकांश आंगनबाड़ी भवनों में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

बच्चों की सेहत पर बढ़ रहा खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि तेज गर्मी और उमस छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, पंखा और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था बेहद जरूरी है। फिलहाल जिले के हजारों मासूम बच्चे व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं।

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