शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं – DM

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मधुबनी :जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण एवं विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण एजेंडों की बारीकी से समीक्षा की गई एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

प्रभार विवाद पर सख्ती, 3 दिन में समाधान अनिवार्य
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रभार को लेकर जहां भी विवाद या समस्या है, उसे हर हाल में 3 दिनों के भीतर सुलझाया जाए। योग्य एवं पात्र प्रभारी को प्रभार हस्तांतरित करना सुनिश्चित किया जाए। निर्धारित समय सीमा के बाद भी प्रभार नहीं देने वाले संबंधित प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की जाएगी।

24 घंटे में एक्शन जरूरी
जिलाधिकारी ने उन शिक्षकों की पहचान करने का निर्देश दिया जो केवल उपस्थिति दर्ज कर निजी विद्यालय या कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने चले जाते हैं। ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कर अनुमंडल पदाधिकारी को भेजने का निर्देश दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि रिपोर्ट प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर कार्रवाई अनिवार्य होगी, अन्यथा जिला स्तर से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

निजी विद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाने पर जोर
बैठक में निर्णय लिया गया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निजी विद्यालयों का अध्ययन कर उनकी बेस्ट प्रैक्टिसेज को सरकारी विद्यालयों में लागू किया जाएगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पाठ्यक्रम एवं शिक्षण पद्धति में नवाचार लाया जाएगा।
शिक्षकों का वैज्ञानिक राशनलाइजेशन होगा
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शिक्षकों की उपलब्धता का आकलन नामांकन के अनुपात में किया जाए और विषयवार संतुलन सुनिश्चित किया जाए। जहां किसी विषय के शिक्षक अधिक हैं और कहीं अभाव है, वहां पारदर्शी एवं वैज्ञानिक तरीके से समायोजन किया जाएगा।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय ( KGBV) पर विशेष फोकस
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की स्थिति सुधारने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि:
भवन मरम्मत एवं संचालन में आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
शिक्षकों की रिक्तियों का आकलन कर राज्य स्तर पर अधियाचना भेजी जाए।
सभी अनुमंडल पदाधिकारी अपने क्षेत्र में केजीबीवी का निरीक्षण करें।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सप्ताह में कम से कम एक दिन विद्यालय का भ्रमण कर रिपोर्ट एवं फोटो उपलब्ध कराएं।

इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए 15 दिन की डेडलाइन
विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गई है। जिन विद्यालयों में राशि उपलब्ध है, वहां पंखा, बिजली, मरम्मत आदि कार्य तत्काल कराए जाएंगे। इसके बाद समेकित रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
हर प्रखंड में मॉडल स्कूल, मेधावी छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड में एक उत्कृष्ट मॉडल विद्यालय विकसित किया जाए। आठवीं कक्षा के टॉपर छात्रों का नामांकन इन विद्यालयों में सुनिश्चित करने हेतु 15 दिनों का विशेष अभियान चलाया जाएगा।

नामांकन अभियान और आधार/अपार आईडी पर जोर
नामांकन अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान करने तथा आंगनबाड़ी के बच्चों का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनका मिशन मोड में निर्माण कर अपार आईडी बनाना अनिवार्य बताया गया।
सरकारी और निजी विद्यालयों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा
जिलाधिकारी ने सरकारी एवं निजी विद्यालयों के बीच ‘बडी पेयरिंग’ कर गतिविधि कैलेंडर के माध्यम से शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा आयोजित करने का निर्देश दिया, जिससे सरकारी विद्यालयों के छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके।

मेधावी छात्रों को मिलेगा सम्मान
अनुमंडल स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को दिया गया।

शिक्षक संघों से संवाद, समस्याओं के समाधान का आश्वासन
बैठक के दौरान विभिन्न शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों से भी जिलाधिकारी ने संवाद किया। उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।* प्रत्येक शनिवार को सभी अनुमंडल पदाधिकारी पंचायत प्रतिनिधि और इससे सम्बंधित अन्य हितधारकों के साथ शिक्षा से सम्बंधित विषय वस्तु पर बैठक करेंगे।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी निम्न महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए।
बच्चों की आधार कार्ड बनाने में आने वाली समस्याओं का समाधान डाक विभाग से मिलकर जिला स्तर से रोस्टर निकालकर किया जाये ।
⁠जिला में कार्यरत शिक्षकों का एक प्रोफाइल तैयार किया जाय । इस आधार पर शिक्षकों उनकी प्रतिनियुक्ति मॉडल स्कूल में की जा सकेगी।

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