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समस्तीपुर नगर निगम क्षेत्र के श्री कृष्णापुरी मोहल्ला स्थित श्री राम कुटीर में प्रो. हरि नारायण सिंह’हरि’ की अध्यक्षता में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका सफल संचालन गजलकार प्रवीण कुमार चुन्नू ने किया। रविवार शाम में शुरू हुए इस गोष्ठी का शुभारंभ डॉ.रामसूरत प्रियदर्शी के सरस्वती वंदना गायन से किया गया।
उन्होंने अपनी अन्य रचना में प्रेम में श्रृंगार और वियोग का अंतर संबंध को गीतों में पिरोया। कवि राजकुमार चौधरी ने समसामयिक अंतरराष्ट्रीय घटना चक्र पर आधारित कविता को सुनाया। वहीं प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि तेरा हुनर , तेरा निर्णय ,तुझे आगे बढ़ाएगा, तेरा संघर्ष,तेरी कामयाबी, दूसरों को राह दिखाएगा।



आयोजक नरेंद्र कुमार सिंह ने गीत गाकर कहा खो जाए धन दौलत सारा, स्वाभिमान को मत खोना, अधिवक्ता डॉ.परमानंद लाभ दो फरमान लव ने कहा अपनी पीड़ा को दबाए रखिये, औरों के आगे आंसू बहाने से कुछ नहीं होता। नवगीत के प्रबल समर्थक कवि डॉ. अरुण अभिषेक ने कहा फूल जैसे चमन में रहते हैं, वैसे हम वतन में रहते हैं। कवि अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि एक वक्त में दो काम नहीं कर सकता, काम के साथ आराम नहीं कर सकता।
शायर प्रवीण कुमार चुन्नू ने अपनी चिरप्रतीक्षित शैली में शायरों के पक्ष में कहा जमाना जब भी लगा है सोने, कलम उठाकर जगाया है शायरों ने। आलोचक और समीक्षक डॉ.अशोक कुमार सिन्हा ने वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक परिवेश में व्याप्त अनैतिकता पर करारा चोट किया।
अंत में अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रो. हरिनंदन सिंह हरि ने कहा कि कविता प्रेम की भाषा है, इसलिए कविता ही शांति और भाईचारे को लाने में समर्थ हो सकता है। उन्होंने अपने नवगीत को सुनाते हुए कहा कि सच्चा कौन, कौन है झूठा, पता नहीं लगता, प्रजातंत्र का तंत्र अनूठा,पता नहीं लगता।अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई।



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