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शिवाजीनगर । मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत अप्रैल माह के प्रथम शनिवार को शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत सुरक्षित शनिवार का आयोजन पूरे उत्साह और जागरूकता के साथ किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य विषय आगलगी के खतरे और उससे बचाव की जानकारी थी।
जिसके अंतर्गत प्रखंड के सभी विद्यालयों में छात्रों को इस मौसम के दौरान मानवजनित आपदा आग लगने से बचाव के लिए सावधानियां तथा आग लगने के बाद बचाव की जानकारी से बच्चों को अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में इस मौसम के दौरान होने वाले आगलगी के खतरे और उससे बचाव की जानकारी के प्रति चेतना जागृत करना और उन्हें आपातकालीन स्थिति में आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार करना था।


मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बताया गया कि आगलगी मानवजनित एक आपदा है। सावधानी ही मुख्यरुप इससे बचाव का मंत्र है। इस लिए मौसम के बदलाव के साथ सावधानीपूर्वक आग जलाना तथा खुले स्थान पर या खाना बनाने के बाद घर के चूल्हे में आग को पूर्णत: बुझाकर रखना बहुत जरूरी है।
इस संबंध में जानकारी, जागरूकता, सतर्कता तथा बचाव के लिए बच्चों को इस संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। सभी फोकल शिक्षक एवं बाल प्रेरकों ने इस विषय में किस प्रकार की सावधानियां एवं जागरूकता और बचाव की आवश्यकता है। इस से बच्चों को अवगत कराया गया।
इसे ध्यान में रखते हुए, इस जागरूकता अभियान के जरिए यह समझाया गया कि थोड़ी सी सतर्कता से जान व माल के जोखिम से बचा जा सकता है। यह कार्यक्रम प्रखंड के सभी 125 विद्यालयों में आयोजित किया गया। इन स्कूलों में छात्र-छात्राओं, प्रधानाध्यापकों और नोडल शिक्षकों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया।


कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बताया गया कि इस मौसम में आगलगी से बचाव व आग लग जाने के बाद उस पर नियंत्रण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। शिक्षकों ने बताया कि इस तरह की स्थितियों में घबराना नहीं चाहिए,
बल्कि शांत रहकर त्वरित कार्रवाई करना जरूरी होता है। कार्यक्रम के एक महत्वपूर्ण हिस्से में ‘क्या करें और क्या न करें’ पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। इस जागरूकता अभियान में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगणों की सराहनीय भूमिका रही।
इस दौरान पूर्व बीआरपी सह प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह, एचएम सतनारायण आर्य, अरुण पासवान, संतोष कुमार, नीलू कुमारी, रामनाथ पंडित, हीरानंद झा, अवधेश चौधरी, प्रवीण कुमार, मो. अब्दुल्लाह, अजय कुमार राय, उमेश प्रसाद राय, शांति भूषण, संजीव कुमार ,

मदन कुमार, राजकुमार राय, मृत्युंजय कुमार सिंह, मोहम्मद जैनुद्दीन, सरिता कुमारी, संजीत पोद्दार समेत दर्जनों शिक्षक उपस्थित रहे। उन्होंने न केवल छात्रों को महत्वपूर्ण जानकारियां दी, बल्कि वास्तविक जीवन से जुड़ी घटनाओं के उदाहरण देकर बच्चों को सतर्क रहने की प्रेरणा भी दी।
सुरक्षित शनिवार के तहत चलाया गया यह जागरूकता अभियान आगलगी से होने वाली जान-माल की क्षति से समाज को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।विद्यालयों में इस तरह के प्रशिक्षण नियमित रूप से होते रहें, तो निश्चित रूप से बच्चों में आपदा से निपटने की समझ विकसित होगी और वे स्वयं के साथ-साथ दूसरों की भी मदद करने में सक्षम बनेंगे।






