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Doorbeen News Desk: शिवाजीनगर प्रखंड क्षेत्र के सभी प्रारंभिक विद्यालयों मेंं सोमवार को उत्सवी माहौल में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमेंं वर्ग प्रथम से आठवीं तक के बच्चों के अभिभावकों से उनके बच्चे की पढ़ाई-लिखाई व परीक्षाफल पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर विद्यालयों मेंं आयोजित बैठक में प्रधानाध्यापक एवं प्रधान शिक्षक ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के शैक्षणिक माहौल में सुधार के लिए यह कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा। सभी शिक्षक अभिभावकों की अपेक्षानुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करने का प्रयास निरंतर करते रहें।
इस दौरान अभिभावकों के बीच उनके बच्चों के वार्षिक ग्रेड रिपोर्ट पेश किया गया। उन्होंने बच्चों के सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में क्या बदलाव लाया गया है तथा कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं, इन सब प्रयासों का बच्चों के अधिगम प्रतिफल पर क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
इसकी जानकारी अभिभावकों को दी। इसे अभिभावकों ने जाना समझा तथा अपने बच्चों की बेहतरी के लिए प्रयास करने की बात कही। इस अवसर पर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कलवारा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय जंदाहा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय बांदा कॉलोनी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय रानीपरती, राजकीय मध्य विद्यालय बांदा कन्या, मध्य विद्यालय बल्लीपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय रामभद्रपुर, प्राथमिक विद्यालय कनखरिया,

प्राथमिक विद्यालय जगदर, प्राथमिक विद्यालय पुरन्दाही, प्राथमिक विद्यालय धोबियाही, प्राथमिक विद्यालय बंधार, प्राथमिक विद्यालय गायघाट हरिजन टोल, प्राथमिक विद्यालय जोगिया, प्राथमिक विद्यालय छावनी, प्राथमिक विद्यालय गौडा़ सहित अन्य विद्यालयों में बच्चों के ग्रेड कार्ड को संबंधित अभिभावकों के बीच शेयर कर उस पर चर्चा की गयी।
इसके साथ ही नये सत्र के दौरान पोषक क्षेत्र के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक रुप रेखा तय की गई। इस अवसर पर बीईओ रामजन्म सिंह ने बताया कि इस बार संगोष्ठी का थीम ‘प्रवेश से प्रगति तक’, विद्यालय और अभिभावक साथ-साथ निर्धारित की गई है।

इस थीम के तहत नये सत्र में बच्चों का विद्यालय में शत-प्रतिशत नामांकन के साथ-साथ उनके समग्र विकास में विद्यालय और अभिभावकों की साझा भूमिका को रेखांकित किया गया। वहीं दूसरी ओर बच्चों के प्रगति पत्रक को अभिभावकों के बीच साझा कर उनके बच्चों के वार्षिक मूल्यांकन के दौरान किए गए प्रदर्शन पर चर्चा की गई।
संगोष्ठी के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को यह समझाया कि बच्चों के अधिगम, अनुशासन, स्वास्थ्य और नियमित उपस्थिति में घर और स्कूल दोनों की बराबर जिम्मेदारी होती है। पीटीएम के माध्यम से पोषक क्षेत्र के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके साथ ही बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया। इसके अलावा वर्गवार बैठक के दौरान अलग अलग विषयों पर चर्चा की गई। इसमें बच्चों की नियमित पढ़ाई, परीक्षा के समय अभिभावकों की भूमिका, भावनात्मक और शैक्षिक सहयोग, तथा बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में पोषण वाटिका की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया गया है।

संगोष्ठी में बच्चों और अभिभावकों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की गई। प्रत्येक वर्ग से एक ऐसे छात्र का चयन किया जाएगा, जिसका पिछले माह का प्रदर्शन बेहतर रहा हो, उसे स्टूडेंट ऑफ द मंथ घोषित किया जाएगा। वहीं ऐसे अभिभावक, जिन्होंने अपने बच्चे को घर पर पढ़ाई, नियमित विद्यालय भेजने और साफ सफाई बनाए रखने में सहयोग दिया है।
उन्हें अभिभावक ऑफ द मंथ के रूप में सम्मानित किया जाएगा। छह वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी बच्चों के नामांकन को लेकर अभिभावकों से संवाद किया गया। साथ ही बच्चों की कक्षावार शैक्षणिक प्रगति की जानकारी साझा करते हुए उन्हें नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया।

अभिभावकों को यह सुझाव भी दिया गया कि वे घर में पढ़ाई के लिए एक अलग कोना निर्धारित करें, जहां बच्चा नियमित रूप से पढ़ सके और विद्यालय से दिए गए गृहकार्य को समय पर पूरा कर सके। इसके अतिरिक्त बच्चों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
अभिभावकों को बच्चों को प्रतिदिन साफ सुथरे यूनिफॉर्म पहनाकर विद्यालय भेजने, नाखून काटने और साफ सफाई का ध्यान रखने के लिए जागरूक किया गया, ताकि बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। बैठक में प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह, रामनाथ पंडित, सतनारायण आर्य ,शांति भूषण, प्रकाश कुमार, मदन कुमार, प्रमोद पासवान, नीलू कुमारी,
मोहम्मद अब्दुल्लाह, संतोष कुमार, उमेश प्रसाद राय, सरिता कुमारी, मोहम्मद जैनुद्दीन, अजय कुमार राय, संजीव कुमार, देवानंद कामद, उमेश कुमार सिंह, दिलीप ठाकुर, अरुण पासवान, प्रदीप कुमार, राजकुमार राय, हीरानंद झा, बिहारी दास, मृत्युंजय कुमार सिंह, राजकुमार मुखिया सहित अन्य विद्यालयों में शिक्षक अभिभावक एवं छात्र-छात्रा मौजूद थे।






