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कमर्शियल गैस सिलेंडर के बंद होने पर मिट्टी के चूल्हे की आयी याद
Doorbeen News Desk: कमर्शियल साल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से जिले में उद्योग धंधे प्रभावित हो गए हैं। खासकर होटल व्यवसाय एवं शादी के घरों की परेशानी बढ़ गई है। जिले में कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिलने से कई दुकानों में ताले लग गए हैं, तो वही कई होटल व्यवसाय फिर से मिट्टी के चूल्हे बनाने लगे हैं। वहीं लकड़ी व कोयला के सहारे व्यवसाय को बढ़ाने में लगे हैं। इस कड़ी में कई होटल व्यवसाय ने मिट्टी का चूल्हा बनाकर अपना रोजगार चलाने में लगे हैं, ताकि उनका रोजगार के साथ-साथ घर भी चले।

बता दे की कमर्शियल सिलेंडर बंद होने से छोटे-छोटे दुकानदार भी प्रभावित हैं। इसलिए वह फिर से लकड़ी, कोयला लाकर व मिट्टी का चूल्हा बना रहे हैं। शहर के काशीपुर में भी होटल व्यवसाय व दुकानदार ने मिट्टी का चूल्हा तैयार किया है। चूल्हा में लकड़ी व कोयला दोनों का उपयोग होगा। दुकानदार ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर बंद होने से उनके रोजगार पर संकट आ गया है। इसलिए फिर से चूल्हे की याद उन्हें आई। उन्होंने चूल्हा बनाया। वही फिर से दुकानों के आगे लोहे के चूल्हे बिकना शुरू हो गया।

जिसे खरीद कर लोग ले जा रहे हैं। इन चुल्हो की मदद से गांव में छोटे-मोटे धंधा करने वाले दुकानदार अपना व्यवसाय को आगे बढ़ाएंगे। चूल्हा ले जा रहे लोग ने बताया कि गांव में भी कमर्शियल सिलेंडर बंद होने से परेशानी हो गई है। चौक चौराहा पर खुली दुकान में भी चाय मिलना मुश्किल हो गया। इसलिए बाजार से चूल्हा खरीद कर ले जा रहा हूं। इसके सहारे अपना व्यवसाय को चला कर दाल रोटी का जुगाड़ हो जाएगा।







