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MLC तरूण कुमार ने विभाग के जवाब पर किया असंतोष व्यक्त, कहा कि विभाग ने मंत्री को गुमराह किया है
Doorbeen News Desk: बिहार विधान परिषद सत्र के दौरान समस्तीपुर के विधान पार्षद डॉ तरुण कुमार के ध्यानाकर्षण पर सरकार का वक्तव्य देते हुए ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि विभागीय निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर समस्तीपुर जिला अंतर्गत पटोरी प्रमंडल के अधीक्षण अभियंता पर विभाग करेगी कार्रवाई का निर्देश दिया जाएगा।
ज्ञातव्य हो कि बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि ग्रामीण कार्य विभाग अन्तर्गत राज्य संचालित सभी योजनाओं यथा मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना (सभी घटक), ग्रामीण टोला सम्पर्क निश्चय योजना, राज्य योजना, अनुरक्षण नीति योजना इत्यादि के शिलान्यास कार्यक्रम हर हालत में निविदा निस्तार के पश्चात कार्यारम्भ के पूर्व माननीय संबंधित सांसद, विधान मंडल सदस्य, जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर सम्बंधित विधान मंडल सदस्य के द्वारा शिलान्यास कार्यक्रम में आमंत्रित करना है। प्रोटोकॉल के अनुसार स्थान सुरक्षित करेंगे तथा शिलापट्ट पर नाम अंकित करेंगे।

आज सदन में विधान परिषद के सभापति द्वारा यह नियमन भी दिया गया है कि शिलान्यास या उदघाटन के शिलापट्ट पर विधानमंडल के सदस्यों के नाम प्रदर्शन के समय बिहार विधान परिषद सदस्यों का नाम पहले और विधायकों का नाम उनके बाद प्रदर्शित किया जाएगा, चूंकि बिहार विधान परिषद उच्च सदन है।
-: शिलापट्ट पर होगा यह नाम:- सरकार के आदेशानुसार शिलापट्ट पर नामों का क्रम इस प्रकार होना चाहिए, जिसमें मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री, सांसद, विधान परिषद सदस्य और अंत में विधायक का नाम अंकित किया जाएगा। मंत्री ने सदन को बताया कि इस प्रश्न के आने के बाद जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए थे और कई स्थानों पर पुराने शिलापट्ट तोड़कर नए लगवाए गए हैं।
उन्होंने घोषणा की कि संबंधित कार्यपालक अभियंता को ‘शो-कॉज’ जारी किया जाएगा और उन पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी, ताकि पूरे बिहार में यह संदेश जाए कि सरकारी निर्देशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-:विभाग ने मंत्री को गुमराह किया है:-ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाने वाले सदस्य डॉ तरुण कुमार ने विभाग के जवाब पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग ने मंत्री को गुमराह किया है, कि बोर्ड हटा लिए गए हैं,
जबकि वे अब भी लगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 7 जनवरी 2021 के ग्रामीण विकास विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, विधान परिषद सदस्यों को न तो उद्घाटन कार्यक्रमों में बुलाया जाता है और न ही शिलापट्ट पर उनका नाम दिया जाता है।
चर्चा के दौरान समस्तीपुर जिले के मोरवा विधानसभा का उदाहरण दिया गया, जहाँ एक शिलापट्ट पर स्थानीय विधायक का नाम बहुत बड़ा है, जबकि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के नाम या तो गायब हैं या बहुत छोटे अक्षरों में हैं।






