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समस्तीपुर महिला कॉलेज में मनाया गया विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस, अनैतिक व्यवहार, असंयम और लालच मानसिक रूप से अस्वस्थ बना देता
Doorbeen News Desk: वीमेंस कॉलेज समस्तीपुर में प्रधानाचार्य प्रो अरूण कुमार कर्ण की अध्यक्षता एवं मनोविज्ञान विभाग के नेतृत्व में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया और इस अवसर पर आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच” विषय पर एक विभागीय सेमिनार का आयोजन किया गया।
सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य प्रो कर्ण ने कहा कि व्यक्ति का अनैतिक व्यवहार, असंयम और लालच उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ बना देता है। सच्चा मानसिक स्वास्थ्य तभी संभव है जब मनुष्य अपने विचार, कर्म और भावनाओं में संतुलन बनाए रखे।
मनोविज्ञान विभाग की डा0 कविता वर्मा ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज एक वैश्विक चुनौती है। आधुनिक जीवनशैली, प्रतिस्पर्धा और तकनीकी निर्भरता ने तनाव को बढ़ाया है, इसलिए सामूहिक मानसिक जागरूकता की आवश्यकता है।

मनोविज्ञान विभाग के डॉ पूनम कुमारी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल रोग का अभाव नहीं, बल्कि मन, मस्तिष्क और व्यवहार की संतुलित अवस्था है। हमें छात्रों में सकारात्मक सोच और संवाद की संस्कृति विकसित करनी चाहिए।
डॉ सोनल कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कि कहा कि महिलाओं और युवाओं में मानसिक तनाव के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। परिवार और संस्थान दोनों को मिलकर सहायक वातावरण तैयार करना चाहिए।

डॉ चन्दन कुमार सिन्हा ने कहा कि आपदा या आपातकाल की स्थिति में मनोवैज्ञानिक परामर्श और सामुदायिक सहयोग से मानसिक संतुलन बनाए रखा जा सकता है। समाज में ‘मानसिक रोग’ को कलंक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
डॉ विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा का एक आवश्यक हिस्सा होना चाहिए।
छात्रों को ध्यान, योग और आत्म-विश्लेषण जैसे अभ्यास अपनाने चाहिए ताकि वे तनाव से निपट सकें।
डॉ. रंजन कुमार ने कहा कि आज हर उम्र वर्ग के लोग मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
कार्य का अत्यधिक बोझ, प्रतिस्पर्धा और तकनीकी उपकरणों पर निर्भरता मानसिक तनाव के प्रमुख कारण बन रहे हैं।
डॉक्टर कुमारी अनु ने मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रकृति से जुड़ने का सुझाव दिया।
डॉ मृत्युंजय कुमार ठाकुर ने कहा कि मानसिक समस्या से सभी उम्र के लोग प्रभावित है। कार्य का अत्यधिक दवाब है और तकनीकि उपकरण मानसिक तनाव का कारण है।
कार्यक्रम का संचालन छात्रा दिव्या और रहनुमा ने संयुक्त रूप से किया । धन्यवाद ज्ञापन सोनल कुमारी ने किया।
छात्राएं में ने अपने अनुभव साझा किया एवं अंजलि कुमारी, राधा कुमारी, दिव्या भरती ने पोस्टर के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। मौके पर डॉ सोनी सलोनी, , डॉ सुरेश साह, पूनम कुमारी, काजल श्रीवास्तव, डॉ स्वीटी दर्शन, डॉ कुमारी शबनम, डॉ सुमन कुमारी, डॉ पिंकी कुमारी, डॉ मधुलिका मिश्रा, डॉ नेहा कुमारी जायसवाल, डॉ रंजन कुमार, डॉ नवेश कुमार, डॉक्टर स्मिता झा, डॉक्टर लालिमा सिन्हा,डॉ स्वाति कुमारी, डॉ शहनाज आरा, डॉ सोनी सिन्हा, डॉ अपूर्वा मुले, डॉ संगीता कुमारी, डॉ आभा कुमारी एवं सहित अधिक संख्या में छात्राएं उपस्थित थी।






