व्हाट्सएप से जुड़ने के लिए यहां क्लीक करें
चुनाव: व्हाट्सएप और एसएमएस पर भी लगा प्रतिबंध, प्रतिबंधित मैसेज या आलेख का आदान प्रदान भी माना जाएगा आचार संहिता का उल्लंघन
Doorbeen News Desk: बिहार विधान सभा चुनाव की प्रशासनिक तैयारी अंतिम चरण में है। चुनाव में प्रत्याशियों के हर गतिविधियों पर प्रशासन की नजर होगी। यहां तक की व्हाट्सएप से लेकर एसएमएस पर भी नजर रखी जायेगी। या फिर कहें कि सोशल मीडिया पर निगरानी की जायेगी। व्हाट्सएप और एसएमएस पर प्रतिबंधित मैसेज या आलेख को आदान प्रदान किया जाता है तो आदर्श आचार संहिता उल्लंघन माना जाएगा।
चुनाव में किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल द्वारा कोई आपतिजनक आलेख या टिप्पणी नहीं लिखा जाएगा। अगर किसी तरह का प्रतिबंधित या आपत्तिजनक मैसेज व्हाट्एप या एसएमएस करने पर भी आर्दश आचार संहिता का उल्लंघन के दायरे में आयगा। इसे आचार संहिता उल्लंघन माना जायेगा।

सोशल मीडिया या इलेक्ट्रोनिक माध्यम से आदान-प्रदान करने पर भी चुनाव आदर्श संहिता का उल्लंघन होगा। सूचना वायरल होने पर इसके विरुद्ध कार्रवाइ की जायेगी।
कोइ भी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल अथवा संगठन किसी प्रकार का पोस्टर, पर्चा, आलेख, फोटो आदि या किसी व्यक्ति विशेष के विरोघ में आपत्तिजनक पर्चा, आलेख आदि का प्रकाशन नहीं करेंगे। इस संबंधन में किसी प्रकार का आपत्तिजनक विधि विरुद्ध संदेश का आदान प्रदान नहीं करेंगे। यह सभी आदर्श संहिता के दायरे में आयेगा।

:सोशल साइट पर की जा रही निगरानी: फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर किसी भी लोगों के द्वारा को आपत्तिजनक पोस्ट, पोस्टर आदि प्रकाशन किया जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। डीएम रोशन कुशवाहा ने बताया कि यह आम लोगों पर भी लागू होगा।
अगर किसी के द्वारा किसी के प्रति कोई भी आपत्ति जनक बयान फोटो, बैनर, प्रकाशन किया जाता है, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक दल या अन्य कोई प्रत्याशी भी इसका ख्याल करेंगे। ताकि किसी की भावना पर ठेस नहीं पहुंचे। ऐसे लोगों पर प्रशासन की टीम निगरानी कर रही है।






