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जहाँ किताबें होंगी हथियार, वहाँ अज्ञानता होगी लाचार…
दूरबीन न्यूज डेस्क । द उम्मीद (राष्ट्रीय सेवा योजना और एनसीसी के पूर्ववर्ती कैडेट्स द्वारा संचालित सामाजिक संस्था) के मिशन शिक्षा दान के तहत समस्तीपुर ज़िले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित #द_उम्मीद_पाठशालाओं में बच्चों के बीच हर्ष और उल्लास के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।


समस्तीपुर नगर निगम में कार्यक्रम का नेतृत्व बोर्ड मेंबर नवनीत ने किया, वहीं मोरवा में शिवम, कल्याणपुर में कुमकुम, सरायरंजन में विजय और विद्यापति_नगर में खुशबू के नेतृत्व में उत्सव आयोजित हुआ। नगर निगम क्षेत्र के मालगोदाम चौक स्थित द उम्मीद पाठशाला में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें शिक्षा जागरूकता और स्वतंत्रता के असली महत्व पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. महेश कुमार चौधरी (अध्यक्ष, हिंदी विभाग, समस्तीपुर कॉलेज एवं द उम्मीद एडवाइजरी बोर्ड मेंबर), डॉ. अपराजिता रॉय (हिंदी विभाग), डॉ. चांदनी (अंग्रेज़ी विभाग), डॉ. श्वेता (गणित विभाग) और डॉ. खुर्शीद (अंग्रेज़ी विभाग) मौजूद रहे।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सच्ची स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आज़ादी नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और मानसिक मुक्ति भी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जब हर बच्चा शिक्षित होगा, तभी वह अपने अधिकारों को समझ सकेगा और जिम्मेदार नागरिक बन सकेगा। स्वतंत्रता का अर्थ है — भयमुक्त समाज, समान अवसर, और हर व्यक्ति को अपने सपनों को पूरा करने की आज़ादी।
शिक्षा इस स्वतंत्रता की कुंजी है, जो हमें अज्ञानता की जंजीरों से मुक्त करती है। उन्होंने बच्चों को जीवन में शिक्षा को अपनाने और जागरूक नागरिक बनने का संकल्प दिलाया। मौके पर द उम्मीद बोर्ड मेंबर सुमित, द उम्मीद गर्ल्स विंग बोर्ड मेंबर पूजा, अनुराज सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।






