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महिला संवाद कार्यक्रम : मुख्यमंत्री ने किया महिला नेतृत्व का सम्मान, आकांक्षाओं के आधार पर बड़ी घोषणाएं, जीविका दीदियों के लिए नई उम्मीद
दूरबीन न्यूज डेस्क। बिहार सरकार द्वारा चलाए जा रहे “महिला संवाद कार्यक्रम” ने आज एक ऐतिहासिक मोड़ लिया, जब माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने सभी जिलों के CLF (Cluster Level Federation) की लीडर दीदियों से वर्चुअल संवाद किया। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य महिला संवाद कार्यक्रम के दौरान एकत्र की गई लाखों ग्रामीण महिलाओं की आकांक्षाओं को सुनना, समझना और उनके आधार पर ठोस नीतिगत निर्णय लेना था।


जिले से इस वर्चुअल बैठक में सभी 16 प्रखंडों की CLF लीडर दीदियाँ उपस्थित रहीं, जिन्होंने पूरे आत्मविश्वास से अपने क्षेत्र की महिलाओं की ओर से सरकार को धन्यवाद दिया और उनकी आशाओं को आगे पहुँचाया।
इस ऐतिहासिक संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार की महिलाओं द्वारा महिला संवाद कार्यक्रम में दिखाई गई भागीदारी, समझ और नेतृत्व की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं के सुझावों को सिर्फ सुना न जाए, बल्कि उन्हें सरकारी नीतियों में जगह दी जाए।
महिला संवाद में प्राप्त जनआकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जो विशेष रूप से जीविका दीदियों और ग्रामीण समुदाय की महिलाओं के लिए प्रेरणादायक और बदलाव लाने वाली हैं:
1) सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत सभी पेंशनधारकों की राशि ₹400 से बढ़ाकर ₹1100 प्रति माह की जाएगी।
2) जीविका दीदियों को दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज दर को 12% से घटाकर मात्र 7% किया जाएगा।
3) सभी जीविका कैडर की मानदेय राशि में वृद्धि की जाएगी, जिससे उनकी मेहनत और योगदान को सम्मान मिल सके।
4) “दीदी की रसोई” योजना को सभी सरकारी विभागों तक विस्तारित किया जाएगा, ताकि सरकारी भोजन व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और मज़बूत हो।
5) हर पंचायत में “कम्युनिटी मैरेज बिल्डिंग” का निर्माण किया जाएगा, जिससे सामाजिक आयोजनों में ग्रामीणों को सुविधा मिल सके।
6) “सतत जीविकोपार्जन योजना” (SJY) का विस्तार किया जाएगा, और इसका लक्ष्य 2 लाख से बढ़ाकर सभी वर्गों के अति गरीब परिवारों तक किया जाएगा।
इस दौरान मुख्य कार्यक्रम पटना में आयोजित किया गया जिसमें सभी जिलों से एक-एक दीदियाँ शामिल हुई. मुजफ्फरपुर जिले के मरवन प्रखंड से जयहिंद संकुल स्तरीय संघ की बोर्ड मेंबर सुधा देवी गई थी.
यह घोषणा दर्शाती है कि बिहार सरकार अब केवल कार्यक्रम संचालित नहीं कर रही है, बल्कि महिला सशक्तिकरण के आंदोलन की पूर्ण जिम्मेदारी लेकर उसे आगे बढ़ा रही है। यह वही मंच है जहाँ गाँव की दीदी अब नीति की दिशा तय करने वाली बन चुकी है।
जिला प्रशासन एवं जीविका परिवार इस मौके को ऐतिहासिक मानते हुए यह विश्वास दिलाते हैं कि दीदियों की सहभागिता और संकल्प को अब और भी बल मिलेगा। यह कार्यक्रम अब केवल संवाद नहीं, बल्कि नीति और समाज को बदलने की दीदी-शक्ति का प्रतीक बन चुका है। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी जीविका दीदी को बधाई दी और जीविका दीदियों ने मिठाई खिलाकर जिलाधिकारी महोदय का आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम के दौरान जीविका की डीपीएम अनीशा, संचार प्रबंधक राजीव रंजन, रितेश कुमार मसरूर अहमद, मनीष कुमार, कुंदन कुमार, संजीव कुमार, प्रणव कुमार सहित सभी बीपीएम उपस्थित थे।






