व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लीक करें
दूरबीन न्यूज डेस्क। बिना आधार कार्ड वाले बच्चों का नहीं बन सकता है अपार कार्ड, सैकड़ों बच्चे रह सकते वंचित। शिक्षा मंत्रालय ने बच्चों का अपार कार्ड अनिवार्य कर दिया है, लेकिन बिहार में 21 लाख से अधिक बच्चे हैं, जिनके पास आधार कार्ड ही नहीं हैं। बिना आधार कार्ड वाले इन बच्चों का अपार कार्ड नहीं बन सकता। बिहार में 1 करोड़ 91 लाख बच्चों का अपार कार्ड बनना है, लेकिन यह बच्चे अपार कार्ड से तब तक विहीन रहेंगे जब तक इनका आधार कार्ड नहीं बन जाता। ऐसे में शिक्षा विभाग को शत- प्रतिशत अपार कार्ड बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।


गौरतलब है कि अपार कार्ड कि जरूरत अब हर शैक्षणिक क्षेत्र में पड़ रही है। अब किसी भी तरह के फॉर्म भरने अपार संख्या की मांग की जा रही है। ऐसे में इन बच्चों के पास अपार कार्ड नहीं होने से इनकी परेशानी बढ़ सकती है। ई- शिक्षा कोष पोर्टल पर प्रविष्ट बच्चों के आंकड़ों के अनुसार भोजपुर जिले में जितने बच्चे स्कूलों में नामांकित हैं उनमें 22 फीसदी बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं हैं। इसके बाद अरवल व सहरसा में 19, गया में 18, नवादा व जमुई में 17 और औरंगाबाद में नामांकित 16 बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है।



78 हजार स्कूलों के 1 करोड़ 59 लाख 78 हजार बच्चें के पास ही है आधार कार्ड- ई- शिक्षा कोष पोर्टल पर 2024-25 में जितने बच्चों के नामांकन हुआ है उनमें से 1 करोड़ 59 लाख 78 हजार 408 बच्चों के पास ही आधार कार्ड है। इन बच्चों का अपार कार्ड बनाने में कोई समस्या नहीं होगी। ई- शिक्षा कोष पोर्टल पर 2024- 25 में 1 करोड़ 81 लाख 64 हजार 901 बच्चे के नामांकन की प्रविष्टि है। किशनगंज ऐेसा जिला है, जहां सबसे कम ऐसे बच्चे हैं जिनके पास आधार कार्ड नहीं है। यहां 21 हजार बच्चे ऐसे हैं जो ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर नामांकित हैं, लेकिन इनका आधार कार्ड नहीं है।


आधार कार्ड के बिना डिजी लॉकर भी नहीं खुलेगा। डिजी लॉकर खोलने के लिए आधार नंबर अनिवार्य होता है। डिजी लॉकर को आधार से लिंक किया जाता है। ऐसे में बच्चों का आधार कार्ड नहीं होने की वजह से न तो डिजी लॉकर खुलेगा न ही बच्चों को कोई भी दस्तावेज डिजी लॉकर में अपलोड हो सकेगा






