भारत का दुर्भाग्य है कि आजादी के इतने साल बाद भी हिॅदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं मिल पाया

दूरबीन न्यूज़ डेस्क। राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन द्वारा संविधान में राजभाषा के रुप में हिन्दी और लिपि में देवनागरी को जोड़ने के उपलक्ष्य में हिन्दी दिवस द स्टार मैथ्स क्लासेज के सभागार में समारोहपूर्वक शिक्षाविद डॉ परमानन्द लाभ की अध्यक्षता में मनाया गया। मुख्य अतिथि प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ गौरव थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सेंट मेरियन पब्लिक स्कूल के निदेशक मनोज कर्ण थे। संचालन अवकाश प्राप्त शिक्षक विनयकृष्ण ने किया।


अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉ लाभ ने कहा कि भारत का दुर्भाग्य है कि आजादी के इतने साल बाद भी हिॅदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं मिल पाया है, जबकि हिन्दू-हिन्दी-हिन्दुस्तान के नारे के साथ सत्ता में आने वाली भा ज पा सरकार भी रश्मी हिन्दी दिवस मनाकर हीं अपना दायित्व पूरा कर लेती है। उन्होंने हिन्दी की जगह भारती नामकरण कर अविलंब इसे राष्ट्रभाषा घोषित करने की मांग की।


मौके पर मुख्य रूप से डॉ जितेंद्र कु सिंह, प्रवीण कुमार चुन्नू, राजेश वर्मा, राजकुमार चौधरी, राम संजीवन पाण्डेय, डॉ रामसूरत प्रियदर्शी, अर्जुन प्र सिंह, डॉ आर के दिवाकर, नथुनी पासवान, अकबर रजा, शुभेष कुमार, मो मेराज आलम, गुड्डू कुमार झा आदि ने सभा को संबोधित किया। इन सबों को आयोजक विनयकृष्ण की ओर से सम्मानित भी किया गया। धन्यवाद ज्ञापन वरीय अधिवक्ता समदर्शी राजगृहार ने किया।

 

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