दूरबीन न्यूज डेस्क। साइबर अपराधियों का बड़ा गैंग पकड़ाया है। उत्तर प्रदेश व बिहार की सीमा पर स्थित कुचायकोट थाने के बलथरी चेक पोस्ट पर गुरुवार की देर शाम वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक कार पर सवार तीन अंतरराष्ट्रीय साइबर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए साइबर बदमाशों के पास से 8774 विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड, पांच मोबाइल व 18 हजार आठ सौ रुपए नेपाली करेंसी बरामद किया गया।

गिरफ्तार किए गए बदमाशों में पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालिया चौक थाने के मोसिमपुर गांव के निवासी नूर आलम, ब्रोमोतोर गांव के मो. एकबाल व सुजापुर गांव के मो. असमाउल शेख शामिल हैं। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर कुचायकोट थानाध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में वाहनों की जांच की जा रही थी।

जांच के दौरान पश्चिम बंगाल नंबर की एक कार को बलथरी चेक पोस्ट पर शक के आधार पर रोककर उसकी जांच की गई तो पुलिस को सफलता हाथ लगी। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए साइबर बदमाशों ने बताया कि वे दिल्ली से सिम कार्ड लेकर नेपाल जा रहे थे। सिम कार्ड को नेपाल में ऑपरेट करने की बात बदमाशों ने पुलिस को बताया है।

पुलिस ने जब गिरफ्तार किए गए साइबर बदमाशों के मोबाइल की जांच की तो पता चला कि काफी रुपए की भी लेनदेन की गई है। अब पुलिस की टीम मामले में बैकवर्ड व फॉरवर्ड लिंकेज को खंगाल रही है। ताकि यह पता चल सके कि कहां से बदमाशों ने दिल्ली में कहां से सिम कार्ड लिया था । नेपाल में किसके पास सिम कार्ड पहुंचाने वाले थे।

गोपालगंज के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि बलथरी चेक पोस्ट पर पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रहनेवाले तीन अंतरराष्ट्रीय साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 8774 पीस सिम कार्ड व 18 हजार आठ सौ रुपए नेपाली रुपए बरामद किए गए हैं। बैकवर्ड व फॉरवर्ड लिंकेज पर काम किया जा रहा है। सिम कार्ड के सप्लायर व जहां पर सिम कार्ड जाने वाला था। उनकी भी गिरफ्तारी जल्द ही की जाएगी।

गोपालगंज के कुचायकोट थाने के बलथरी चेक पोस्ट पर गिरफ्तार किए गए कार सवार तीन अंतरराष्ट्रीय साइबर बदमाशों की कुंडली खंगालने में जिले की पुलिस जुटी है। पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ करने के बाद उनके बैकवर्ड व फॉरवर्ड लिंकेज को खंगाला जा रहा है। पूछताछ में बदमाशों ने बताया है कि उनके गिरोह में शामिल सदस्य नेपाल के काठमांडू में रहकर साइबर अपराध करते हैं। 8774 पीस इंडियन सिम कार्ड नेपाल लेकर जाने के पीछे साइबर बदमाशों के मकसद का पता करने में पुलिस जुटी है।

मामले में पश्चिम बंगाल, दिल्ली व नेपाल के काठमांडू कनेक्शन की भी तफ्तीश की जा रही है। इसके लिए पुलिस की टीम टेक्निकल सेल की भी मदद ले रही है । ताकि गिरोह में शामिल अन्य बदमाशों तक पुलिस पहुंच सके। पुलिस की जांच में यह पता चला है कि नेपाल के काठमांडू में अंतरराष्ट्रीय साइबर बदमाशों का ठिकाना है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मामले में सिम कार्ड के सप्लायर व कार्ड लेने वालों की पहचान की जा रही है।

पुलिस के अनुसार बिहार के पूर्वी चंपारण,पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, अररिया आदि जिले के सीमावर्ती नेपाल के इलाके में अंदर तीन-चार किलोमीटर तक भारतीय मोबाइल कंपनी के सिम से बात हो जाती है। कई बार भारतीय अपराधी नेपाल में शरण लेकर वहां से कई तरह के अपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं।






