दूरबीन न्यूज डेस्क, समस्तीपुर। स्वास्थ्य विभाग में दो लिपिक एवं एएनएम के संविदा विस्तार मामले में पेंच फंस गया है। गोपगुट महासंघ के जिला सचिव अजय कुमार के शिकायत के बाद आपदा एडीएम के द्वारा किए गए जांच के दौरान संविदा विस्तार व नियोजन को अवैध कर दिया गया।
साथ ही इसमें विभागों की अनदेखी करते हुए संविदा सेवा अवधि विस्तार करने के लिए भेजे गए प्रस्ताव समर्पित करने के मामले में पांच कर्मियों पर लापरवाही बरते जाने के मामले में डीएम ने जवाब तलब किया है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम योगेंद्र सिंह ने सहायक प्रशासी पदाधिकारी मो. नौशाद अहमद, जिला स्थापना प्रशाखा के प्रधान लिपिक राम सेवक महतो, सदर अस्पताल के उवलि अभिषेक कुमार, स्थापना प्रशाखा के निम्न वर्गीय लिपिक अभिषेक कुमार सिंह एवं सदर अस्पताल के संविदा लिपिक रमेश प्रसाद से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।

साथ ही कहा गया है विभागीय निदेशों के विपरित संचिका उपस्थापित करने, लापरवाही एवं स्वेच्छाचारी रवैया अपनाए जाने के कारण क्यों नहीं आपके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाए। विदित हो कि बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ गोपगुट के जिला सचिव अजय कुमार ने संविदा अवधि विस्तार में विभागों के आदेश व निर्देश की अनदेखी करने की शिकायत डीएम से की थी।

इसके अलोक में आपदा प्रबंधन के ADM एडीएम राजेश कुमार सिंह के द्वारा पूरे मामले की जांच करायी गयी। जांचोपरांत पाया गया कि सीएस के विभिन्न पत्रांक के द्वारा क्रमश: संविदा लिपिक राम नंदन कुमार रजक एवं रमेश प्रसाद के संविदा सेवा अवधि विस्तार के लिए स्थापना उप समाहर्ता को अनुरोध पत्र प्रेषित किया गया, जिसके आलोक में जिला चयन समिति की बैठक में प्रस्ताव पर अनुशंसा की गयी थी।

जांच में पाया गया कि विभाग के जिस निर्देश का हवाला दिया गया, उक्त अनुसूची में स्वास्थ्य विभाग के लिपिक का उल्लेख नहीं है। जिसके कारण उक्त शर्तें लिपिक के संविदा विस्तार पर प्रभावी नहीं होगा। इसमें केवल एक वर्ष के लिए ही संविदा नियोजन किया जाएगा। संविदा लिपिक रमेश प्रसाद एवं राम नंदन कुमार रजक को पूर्व में एक वर्ष के लिए नियोजन किया जा चुका है।

फिर जिला चयन समिति की बैठक में संविदा अवधि विस्तार किया गया है, जो सामान्य प्रशासन के निर्देश के आलोक में विधि सम्मत नहीं है। जिला चयन समिति के द्वारा सीएस के अनुशंसा के आलोक में एएनएम कर्मियों का संविदा नियोजन किया गया है। यह अवधि विस्तार पूर्व की तरह जिला स्तरीय गठित समिति के द्वारा किया गया है।

परंतु स्वास्थ्य निदेशालय के निर्देश के आलोक में एएनएम का पद अब राज्य स्तरीय हो चुका है। इसमें एएनम के संविदा नियोजन हेतु सामान्य प्रशासन के अधीन गठित समिति का अनुशंसा प्राप्त किया जाना है। स्वास्थ्य निदेशक के उक्त पत्र के अलोक में 15 मार्च को आयोजित जिला समिति की बैठक में एएनएम को किया गया संविदा नियोजन विधि सम्मत नहीं है।






