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समस्तीपुर। समस्तीपुर शहर के बनारस स्टेट परिसर में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित की गयी। इसमें आईएपी के तरफ से सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार, डॉ. ईशरत, डीएमसीएच से सेवानिवृत शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ओम प्रकाश, डॉ. अमरेश, डॉ. विजेंद्र के द्वारा नवजात बच्चों के इलाज को लेकर नए तौर-तरीकों के बारे में बताया गया।



इस कड़ी में सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जन्म के बाद सांस लेने में कठिनाई एवं जन्म के बाद नहीं रोने वाले बच्चों को कृत्रिम सांस देने की विधि बतायी गयी। डॉक्टरों ने कहा कि इससे जन्मजात बच्चों में मृत्यु दर की कमी लाया जा सकती है। साथ ही जन्म के तुरंत बाद नहीं रोने वाले बच्चे दिमागी रुप से कमजोर होते हैं। ऐसे बच्चों का समय पर इलाज होने से स्वस्थ किया जा सकता है, साथ ही मानसिक रुप से कमजोर बच्चों में कमी लायी जा सकती है।


प्रशिक्षण में सभी अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल, पीएचसी एवं सीएचसी से एक-एक चिकित्सकों ने कार्यशाला में हिस्सा लिया। मौके पर डीएचएस के डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, पाथ के संतोष कुमार, चंदन कुमार के अलावे अन्य उपस्थित थे। इस दौरान प्रशिक्षक डॉक्टर ने बताया कि जन्म के बाद बच्चों में कई प्रकार की समस्याएं होती है। इसका तत्काल इलाज आवश्यक होता है। अन्यथा बच्चों की जान भी जा सकती है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जन्म के बाद बच्चों के मृत्यु दर में कमी लाना है। इसके लिए सभी अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की जा रही है।






