समस्तीपुर में तीन दिवसीय विद्यापति राजकीय महोत्सव शुरू, निमंत्रण के बाद भी महोत्सव के उद्घाटन में शामिल नही हुए एक भी मंत्री व सांसद

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समस्तीपुर। समस्तीपुर के विद्यापतिनगर प्रखंड के विद्यापतिधाम में शनिवार को तीन दिवसीय ग्यारहवां विद्यापति राजकीय महोत्सव शुरू किया गया। यह महोत्सव 25 नवंबर से 27 नवंबर तक चलेगा। तीन दिवसीय इस राजकीय महोत्सव का उद्घाटन विभूतिपुर से सीपीआईएम विधायक अजय कुमार, बीजेपी एमएमसी डॉ तरुण कुमार, डीएम योगेंद्र सिंह और एसपी विनय तिवारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। महोत्सव के प्रथम दिन विपिन कुमार मिश्र के द्वारा शंखनाद प्रस्तुत किया गया। वंही गज़ल गायक कुमार सत्यम और मैथिली गायिका सुश्री जुली झा ने अपनी गायकी से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।

विदित हो कि इस तीन दिवसीय राजकीय महोत्सव में वित्त वाणिज्यकर और संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी को मुख्य अतिथि के रूप शिरकत करना था, लेकिन इस महोत्सव में बिहार सरकार के कोई भी मंत्री उपस्थित नही हुए। जबकि समारोह में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, बिहार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री तेज प्रताप यादव, कला संस्कृत एवं युवा विभाग के मंत्री जितेंद्र कुमार राय, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री आलोक कुमार मेहता, जिला के प्रभारी मंत्री अशोक कुमार चौधरी के अलावा जिले के सभी सांसद एवं विधायकों को भी महोत्सव में आमंत्रित किया गया था।

राजकीय महोत्सव को संबोधित करते हुए सीपीआईएम विधायक अजय कुमार ने कहा कि कवि विद्यापति ने जो उस वक्त की स्थिति परिस्थितियों को देखकर  रचनाएं की थी। विकास के रास्ते पर हमारा देश हमारा समाज दूर चला गया। विज्ञान के क्षेत्र में काफी विकास किया, उसमें भी साहित्य की भूमिका रही है। 600 साल पूर्व उनकी रचनायों को पढ़ने के बाद आज हम मिथिला की संस्कृति, परंपरा को समझ पाएंगे। वंही इस राजकीय महोत्सव में बिहार सरकार के किसी मंत्री के शामिल नही होने को लेकर उन्होंने  नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि इस सवाल को वो मुख्यमंत्री के संज्ञान में जरूर लाएंगे।

वही बीजेपी एमएलसी डॉ तरुण कुमार ने मैथिल कोकिल कवि विद्यापति की निर्वाणस्थली पर आयोजित राजकीय महोत्सव को लेकर सरकार को गंभीरता दिखाने की बात कही। साथ ही महोत्सव को बेहतर ढंग से करने के लिए जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि विद्यापति की रचनाओं व उनकी संस्कृति को लोगो कप जानने की जरुरत है। 26 नवंबर को विद्यापति महोत्सव के दूसरे दिन कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। जिसमें जिले एवं राज्य के अन्य जिलों से भी कवि आएंगे।

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