उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक, योजनाओं का किसानों के बीच करें व्यापक प्रचार प्रसार

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उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक, योजनाओं का किसानों के बीच करें व्यापक प्रचार प्रसार

दूरबीन न्यूज डेस्क। उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक समाहरणालय सभागार में की गई तथा अधिकारियों को कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का किसानों के बीच व्यापक प्रचार प्रसार कर पूरी जवाबदेही से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कृषि विभाग की योजनाओं का विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया गया।
समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि जिला अंतर्गत 56576 केसीसी निर्गत किया गया है। माननीय उपमुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष से संबंधित स्पष्ट प्रतिवेदन देने तथा व्यापक प्रचार प्रसार कर लोन वितरित करने का निर्देश दिया। वित्तीय वर्ष 2024 -25 में उर्वरक की आवश्यकता एवं उपलब्धता की समीक्षा में पाया गया कि जिले में किसानों की आवश्यकता से अधिक उर्वरक का भंडार रहा तथा बिक्री भी कम हुई। यूरिया की आवश्यकता 50000 मेट्रिक टन के विरुद्ध उपलब्धता 53930 मेट्रिक टन।

डीएपी 12500 मेट्रिक टन की आवश्यकता के विरुद्ध 14713 मेट्रिक टन की उपलब्धता तथा एमओपी की आवश्यकता 5400 मेट्रिक टन के विरुद्ध 8923 मेट्रिक टन की उपलब्धता रही ।
जिले में 35 थोक उर्वरक विक्रेता तथा 1338 खुदरा उर्वरक विक्रेता है। वहीं पर 725 बीज विक्रेता तथा 136 कीटनाशी विक्रेता है।
बैठक में किसानों को नियत दर पर ससमय पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही उर्वरक की कालाबाजारी रोकने हेतु छापेमारी करने तथा कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वित्तीय वर्ष 2024- 25 में 25 अनुज्ञप्ति रद्द की गई तथा 12 अनुज्ञप्ति निलंबित किया गया है जबकि वित्तीय वर्ष 2025 -26 के तहत दो अनुज्ञप्ति रद्द किया गया है तथा 9 अनुज्ञप्ति निलंबित किए गए हैं। जिले में 2024-25 के तहत कृषि यांत्रिकीकरण योजना में 85% की उपलब्धि रही है। ई- केवाईसी की समीक्षा में पाया गया कि 376469 पूर्ण कर लिए गए हैं। जिले में किसानों के निबंधन में सराहनीय कार्य किए गए हैं।

जिले में मृदा उर्वरता की स्थिति की समीक्षा में पाया गया कि जिलांतर्गत सभी प्रखंडों की मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी है। मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी के बारे में किसानों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया। साथ ही इसे दूर करने तथा किसानों के बीच प्रचार प्रसार हेतु अपेक्षित कार्रवाई करने का निर्देश जिला कृषि पदाधिकारी को दिया गया।
वित्तीय वर्ष 2024- 25 में विश्लेषित मिट्टी नमूनों की संख्या 15000 है जिसमें से वितरित मृदा स्वास्थ्य कार्ड की संख्या 15000 है।
इसके अतिरिक्त फल विकास योजना अंतर्गत आम, लीची, केला, पपीता, नारियल, मशरूम किट ,अंजीर, मशरूम उत्पादन तथा क्लस्टर में बागवानी योजना को भी प्रोत्साहित करते हुए भौतिक लक्ष्य के विरुद्ध शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने तथा किसानों को लाभान्वित करने का निर्देश दिया गया।

इसके अतिरिक्त सब्जी विकास योजना के तहत ब्रोकली, टमाटर, फूलगोभी, पत्तागोभी, बैगन, तरबूज, खरबूज, कद्दू, नेनुआ ,करेला ,मिर्च आदि को भी प्रोत्साहित करने तथा उपलब्धि हासिल करते हुए किसानों को लाभान्वित करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त संरक्षित खेती ,सूक्ष्म सिंचाई, की भी समीक्षा की गई। आत्मा योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण देने तथा उन्हें लाभान्वित करने का निर्देश दिया गया।
अधिप्राप्ति की समीक्षा में पाया गया कि जिला में 80 % सीएमआर जमा किया जा चुका है।

बैठक में कृषि विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल , विशेष सचिव श्री वीरेंद्र प्रसाद यादव, कृषि निदेशक श्री नितिन कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक बिहार राज्य बीज निगम श्री निर्मल कुमार, जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन, उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम ,जिला कृषि पदाधिकारी श्री सुधीर कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के पूर्व जिला कृषि प्रक्षेत्र मुसहरी में बीज प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन माननीय उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री के कर कमलों द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि जिला कृषि प्रक्षेत्र मुसहरी में 500 मेट्रिक टन क्षमता के गोदाम का निर्माण किया गया है जिसकी क्षमता 1 टन प्रति घंटा है। इस मिनी प्रसंस्करण संयंत्र का अधिष्ठापन बिहार राज्य बीज निगम द्वारा किया गया है। इस प्रसंस्करण संयंत्र से 10000 क्विंटल बीज प्रतिवर्ष प्रसंस्कृत किये जा सकेंगे।