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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर : जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर के निर्देश के आलोक में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम ‘सुरक्षित शनिवार’ को जिले के सभी विद्यालयों में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के उद्देश्य से शनिवार को बिहार शिक्षा परियोजना, समस्तीपुर एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम 24 से 28 अक्टूबर तक शहर के पुरानी पोस्ट ऑफिस रोड, समस्तीपुर में निर्धारित विभिन्न बैचों में आयोजित किया जा रहा है।
पहले दिन जिले के 10 प्रखंडों से नामित शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू हुआ। जिले के सभी प्रखंडों से छह-छह शिक्षकों को नोडल शिक्षक एवं मास्टर प्रशिक्षक के रूप में नामित किया गया है, ताकि प्रशिक्षण के बाद विद्यालयों में कार्यक्रम का नियमित संचालन और प्रखंड स्तर पर अनुश्रवण सुनिश्चित किया जा सके।


कार्यशाला का उद्घाटन उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना जमालुद्दीन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान शुभम कसौधन, यूनिसेफ के आपदा जोखिम न्यूनीकरण विशेषज्ञ राजीव कुमार, शिक्षा विशेषज्ञ बसंत कुमार सिंह, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के राज्य सलाहकार अशोक कुमार शर्मा, लेखा पदाधिकारी सुनील कुमार एवं मीडिया समन्वयक हरिश्चंद्र राम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इससे पूर्व डीपीओ एसएसए शुभम कसौधन ने आगंतुक अतिथियों एवं मुख्य प्रशिक्षकों को पौधा भेंट कर स्वागत किया। स्वागत भाषण में उन्होंने मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के उद्देश्यों और विद्यालय स्तर पर इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को आपदाओं से बचाव के प्रति जागरूक करना तथा विद्यालयों में सुरक्षा की संस्कृति विकसित करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।


प्रशिक्षण के बाद विद्यालयों में होगा नियमित क्रियान्वयन: प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने विद्यालयों में सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को गंभीरता से लागू करने और बच्चों को आपदा से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देने पर जोर दिया। उन्होंने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को विद्यालयों तक पहुँचाने तथा कार्यक्रम को नियमित गतिविधियों का हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण के बाद विद्यालयों में कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
इसके तहत प्रत्येक विद्यालय में फोकल शिक्षक एवं बाल प्रेरकों का चयन, विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति का गठन, फोकल शिक्षक और बच्चों के सहयोग से हैजार्ड हंट के माध्यम से संभावित जोखिमों की पहचान तथा विद्यालय आपदा प्रबंधन योजना का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, निर्धारित गतिविधियों का प्रत्येक शनिवार संचालन और किए गए कार्यों से संबंधित आँकड़ों को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करने पर जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान सामने आई कमियों को दूर करते हुए नोडल शिक्षकों एवं मास्टर प्रशिक्षकों को अपने-अपने प्रखंडों के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यक्रम के क्रियान्वयन में सहयोग करना है।

विद्यालयों में अग्नि सुरक्षा, भूकंप, बाढ़ सहित विभिन्न आपदाओं से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य है। प्रशिक्षण में यूनिसेफ के राज्य समन्वयक एवं मुख्य प्रशिक्षक डॉ. पल्लव कुमार, सारण के राज्य प्रशिक्षक संदीप कुमार, मुंगेर के नवनीत कुमार विमल तथा समस्तीपुर के सुभीत कुमार सिंह, मंगलेश कुमार, सदफ नाज एवं मिन्की कुमारी ने मास्टर प्रशिक्षकों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम का संचालन सुभीत कुमार सिंह ने किया। कार्यशाला के माध्यम से जिले में ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम को प्रशिक्षण से आगे बढ़ाकर विद्यालयों की नियमित कार्यसंस्कृति बनाने तथा बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर बल दिया गया।


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