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Doorbeen News Desk: शिवाजीनगर । मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत शनिवार को शिवाजीनगर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अक्टूबर माह के द्वितीय शनिवार को आयोजित इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को मानव जनित आपदा, भगदड़ के कारणों, भीड़ प्रबंधन और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि पर्व-त्योहारों, मेलों और धार्मिक आयोजनों में जुटने वाली भारी भीड़ के दौरान थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में सतर्कता, संयम और सावधानी बरतकर जान-माल के नुकसान को रोका जा सकता है।कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम की वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार किया गया।


इस दौरान बाल प्रेरकों और विद्यालयों के फोकल शिक्षकों ने बच्चों को सरल भाषा में समझाया कि दुर्गा पूजा, छठ, मोहर्रम सहित अन्य पर्व-त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, दर्शक और आम लोग एकत्र होते हैं। ऐसी स्थिति में अफवाह, धक्का-मुक्की या अव्यवस्थित आवागमन से भगदड़ मचने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए भीड़ में घबराने के बजाय समझदारी और धैर्य से काम लेना जरूरी है।शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हमेशा सतर्क रहना चाहिए।
किसी भी आयोजन में पहुंचने पर निकास द्वार और आपातकालीन रास्तों की जानकारी पहले से रखनी चाहिए। भीड़ में धक्का-मुक्की करने, अचानक रुकने और अफवाहों पर विश्वास कर भागने से बचना चाहिए। यदि भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो जाए तो भीड़ के विपरीत दिशा में दौड़ने के बजाय खुद को संभालते हुए सुरक्षित स्थान की ओर बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। किसी व्यक्ति के गिरने पर उसे कुचलने से बचाने और संभव होने पर सुरक्षित तरीके से सहायता पहुंचाने की भी जानकारी दी गई।


बच्चों को यह भी बताया गया कि यदि भगदड़ के दौरान कोई जमीन पर गिर जाए तो सिर और गर्दन को हाथों से बचाते हुए शरीर को सिकोड़कर सुरक्षित स्थिति में रहना चाहिए। इस दौरान घबराहट में चिल्लाने या अनावश्यक रूप से धक्का देने से बचना चाहिए। शिक्षकों ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि छोटी-सी लापरवाही कई लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती है।प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में एक साथ आयोजित जागरूकता सत्र में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
छात्र-छात्राओं ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। वहीं, कई विद्यालयों में पोस्टर और नाट्य रूपांतरण के माध्यम से भगदड़ से बचाव तथा सुरक्षित व्यवहार का संदेश दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि आपदा प्रबंधन की जानकारी केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि बच्चों को इसे अपने परिवार और समाज के लोगों तक भी पहुंचाना चाहिए। इससे पर्व-त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सामूहिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।


कार्यक्रम में पूर्व बीआरपी सह एचएम बालमुकुंद सिंह, एचएम सत्यनारायण आर्य, अरुण पासवान, सुभाष सिंह, संतोष कुमार, नीलू कुमारी, रामनाथ पंडित, हीरानंद झा, अवधेश चौधरी, मदन कुमार, सरिता कुमारी, मोहम्मद अब्दुल्ला, मोहम्मद जैनुद्दीन, प्रमोद पासवान, प्रदीप कुमार, उमेश प्रसाद राय, राजकुमार राय, शांति भूषण, पिंकी कुमारी, बिहारी दास, देवानंद कामत, मृत्युंजय राय और राजकुमार मुखिया सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में कार्यक्रम का संचालन किया।
बीईओ रामजन्म सिंह ने बताया कि प्रखंड के सभी विद्यालयों में सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को भीड़ और भगदड़ से जुड़े जोखिमों तथा बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे में बच्चों को पहले से जागरूक करना आवश्यक है, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहें और जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद भी कर सकें। विद्यालयों में आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों को आपदा के प्रति सजग बनाने और सुरक्षित व्यवहार की आदत विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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