मॉडल स्कूल के रूप में विकसित होगा सरस्वती विद्या निकेतन, अभिभावकों से सहयोग की अपील

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Doorbeen News Desk: शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय मॉडल स्कूल प्लस टू उच्च विद्यालय के भवन सभागार में बुधवार को शिक्षा विभाग के निर्देश पर अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय में लागू की जा रही नई शैक्षणिक व्यवस्था, मॉडल स्कूल के रूप में विद्यालय के विकास की रूपरेखा तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी अभिभावकों को दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार ने की। संचालन शिक्षक राज नारायण ने किया। संगोष्ठी का उद्घाटन सीओ सह नोडल निरीक्षण पदाधिकारी अंम्बपाली यादव, प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

शिक्षकों ने अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, नियमित उपस्थिति और विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में उनकी सहभागिता के महत्व से अवगत कराया। सीओ सह नोडल निरीक्षण पदाधिकारी अंम्बपाली यादव ने कहा कि किसी भी विद्यालय को बेहतर शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित करने में केवल शिक्षकों की भूमिका पर्याप्त नहीं होती। इसमें अभिभावकों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने, घर पर उनकी पढ़ाई की निगरानी करने तथा विद्यालय की गतिविधियों में आवश्यक सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक और अभिभावक आपसी समन्वय से कार्य करेंगे तो विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में और सुधार लाया जा सकता है।

प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार ने विद्यालय की विकास योजना की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार की ओर से विद्यालय को मॉडल स्कूल का दर्जा मिलने के बाद इसका नाम सरस्वती विद्या निकेतन रखा गया है। नाम में बदलाव के साथ विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं में भी व्यापक परिवर्तन किया जा रहा है।

विद्यालय को बेहतर संसाधनों, अनुशासित शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन के माध्यम से ऐसा स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है, जो आने वाले समय में अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत बने।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित शिक्षा देने के बजाय उनके सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और उनकी सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अभिभावकों से भी विद्यालय की इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया गया। संगोष्ठी के दौरान अभिभावकों और शिक्षकों ने भी विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने को लेकर अपने-अपने विचार साझा किए।

अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर शिक्षकों से जानकारी ली। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति और नियमित अध्ययन को लेकर अभिभावकों को आवश्यक सुझाव दिए। अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी के बाद सीओ सह नोडल निरीक्षण पदाधिकारी अंम्बपाली यादव ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने अलग अलग वर्ग कक्षों में जाकर पठन पाठन की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों द्वारा कक्षा में कराए जा रहे शिक्षण कार्य की जानकारी ली और विद्यार्थियों से भी पढ़ाई से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

इसके बाद उन्होंने प्रधानाध्यापक के प्रकोष्ठ में पहुंचकर विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था, कक्षा संचालन और विद्यार्थियों से संबंधित गतिविधियों को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में शिक्षक विगेश कुमार, प्रशांत कुमार, बृज मोहन सहनी, राधाकांत सिंह रमण, मुकेश कुमार,

धनपत कुमार, चंदन कुमार, मो. नूर आलम, संतोष कुमार, बुधियार मुखिया, संजय कुमार, शिव शंकर शर्मा, गौतम कुमार मिश्र, नेहा रानी, पूजा भारती, रूबी कुमारी, आकांक्षा कुमारी, आकांक्षा स्वराज, अन्नू कुमारी, पूनम कुमारी, मुकुंद कुमार, राम उदय सिंह, रामचंद्र चौधरी सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक मौजूद थे।

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